
नयी दिल्ली : झारखंड में करीब 10 हजार करोड़ के निवेश का रास्ता खुल गया है. इसके साथ ही 2 लाख रोजगार के सृजन का भी रास्ता खुल गया है. नयी दिल्ली में होटल ताज में आयोजित इनवेस्टर्स समिट 2021 में झारखंड औद्योगिक व निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 को लांच किया गया. इसके तहत 10 हजार करोड़ रुपये का एमओयू किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की मौजूदगी में ये सारे एमओयू किये गये. राज्य में करीब 20 हजार लोगों को इसके माध्यम से सीधे नौकरी मिलेगी जबकि डेढ़ लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा. इस दौरान उद्योग स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के पास 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध होने की बात कही, जो लैंड बैंक के माध्यम से उद्यमियों को उपलब्ध कराया जायेगा. इस दौरान उद्योग सचिव ने प्रेंजेंटेशन के माध्यम से जेआईआईपी, इथनॉल पॉलिसी, रोड कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वेकिल पॉलिसी, आदित्यपुर क्लस्टर की जानकारी भी दी. इसके अलावा सोलर पार्क, ऑटो हब, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण के हब के रूप में झारखंड की पहचान बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है. उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने एमओयू किया और लोगों को सारी जानकारी दी. इस दौरान तीन साल में राज्य में 4000 करोड़ रुपये का निवेश स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के माध्यम से करने पर सहमति बनी. इस दौरान गुआ माइंस में एक और पिलेट प्लांट को बनाने पर एमओयू हुआ. टाटा स्टील जमशेदपुर समेत झारखंड में तीन साल ममें 3000 करोड़ रुपये कोयला, लौह अयस्क के खदान और स्टील उत्पादन के क्षेत्र में निवेश करेगा. इसके अलावा डालमिया भारत ग्रुप द्वारा 758 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. यह निवेश एक नई सीमेंट यूनिट, एक सोलर पॉवर पलांट तथा एक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में पीपीपी मोड में होगा. इसके अलावा आधुनिक पॉवर एंड नेचुरल रिर्सोसेज सरायकेला-खरसावां जिला समेत झारखंड में 1900 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. प्रेम रबर वर्कस लेदर पार्क और फुटवियर में 50 करोड़ रूपये का निवेश करेगा, जिससे 1000 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. (नीचे पूरी खबर देखें)

झारखंड में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगेगा : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
राज्य सरकार निवेशकों का सहयोग लेकर आगे बढ़ना चाहती है. यहां के प्रचुर संसाधनों का उपयोग करते हुए झारखण्ड को विकास की ओर ले जाने का प्रयास करेंगे. इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है. सरकार ने कदम बढ़ा दिया है. ये कदम अब थमेंगे नहीं. झारखण्ड में माइंस और मिनरल के इर्द गिर्द बातें सोची गई. ये तो पूर्व की तरह कार्य करती रहेंगी. इसके अतिरिक्त टूरिज्म, एजुकेशन, रिन्यूबल एनर्जी, फ़ूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी काम हो रहा है. रिन्यूबल एनर्जी में हम बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं. झारखण्ड में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित होने जा रहा है, जो बहुत जल्द बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन करेगा. हमारी सरकार राज्य में रोजगार सृजन करने के लिए, उद्योग का मार्ग प्रशस्त करने जा रही है. हमारा प्रयास झारखण्ड को अग्रणी राज्यों में ले जाने का है. ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नई दिल्ली स्थित होटल ताज में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में झारखण्ड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 के लोकार्पण समारोह में कही. मुख्यमंत्री ने औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों से कहा कि झारखण्ड में उद्योग को लेकर आपके कई सुझाव हमें मिले हैं. इसी का नतीजा है कि आज अपग्रेडेड इंडस्ट्रियल पॉलिसी तैयार हुई है. हमारे लिए यह गर्व की बात है कि आप लोगों ने झारखण्ड में निवेश करने की इच्छा जाहिर की है. एमओयू हो रहा है. कई स्वीकृतियां भी प्रदान की गयी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग कर इसका लाभ लोगों को नहीं दे पाए हैं. हमारे पास जो खनिज संपदा का भंडार है, उसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है. हमारे राज्य में पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र में भी संभावनाएं हैं. प्रसिद्ध नेतरहाट स्कूल हमारे राज्य में ही है, जिसकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ने देश को सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस अधिकारी दिया है. इसके अतिरिक्त इजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में भी झारखण्ड अच्छा कर रहा है. झारखण्ड शिक्षण और तकनीकी संस्थानों को भी बढ़ावा देगा. (नीचे पूरी खबर देखें)

राज्य की कार्यपालिका तक आपकी पहुंच आसानी से होगीः मुख्य सचिव
मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि मैं हेड ऑफ ब्यूरोक्रेसी के नाते निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि राज्य की कार्यपालिका तक आपकी पहुंच आसानी से होगी. यहां प्रोएक्टिव अप्रोच से काम करनेवाले अधिकारी हैं, जो समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से काम करते हैं. नीति के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की समस्या का सामना निवेशकों को नहीं करना पड़ेगा. झारखण्ड निवेशकों के लिए सबसे बेहतर अवसर है. निवेशकों के प्रति सरकार का रवैया दुनियाभर में बदला है. आज 2021 में प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने टॉप ब्यूरोक्रेट के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए लंबी दूरी तय कर दिल्ली पहुंचे हैं. यह एक बड़ा बदलाव है. ऐसा संभव हुआ है, क्योंकि लोगों को यह बात समझ में आ रही है कि किसी देश और राज्य के विकास की दास्तां तकनीक के विकास, रोजगार के सृजन से ही संभव है. झारखण्ड एक खूबसूरत राज्य है. फ्लोरा एवं फोना से भरा पड़ा राज्य है. 30 प्रतिशत हिस्सा जंगल से भरा है. बड़ी मात्रा में यहां वनोपज का उत्पादन किया जा रहा है. राज्य का मौसम देश के बाकी हिस्सों से कहीं बेहतर है. अच्छे वातावरण से मानव संसाधन की क्षमता बढ़ जाती है. झारखण्ड में स्वस्थ और नियम से चलने वाले मानव संसाधन उपलब्ध हैं. झारखण्ड आपको आमंत्रित करता है. झारखण्ड आप सभी का स्वागत करता है. (नीचे पूरी खबर देखें)

सिंगल विंडो क्लियरेंस पॉलिसी तैयार है : उद्योग सचिव
उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि झारखंड सरकार ने निवेशकों को आमंत्रित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में सिंगल विंडो क्लियरेंस पॉलिसी तैयार कर ली है. उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार के पास 1000 एकड़ जमीन का लैंड बैंक है. उन्होंने निवेशकों को झारखण्ड में क्यों निवेश करें से संबंधित विभिन्न आयामों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला. जेआईआईपी, इथनॉल पॉलिसी, रोड कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वेकिल पॉलिसी, आदित्यपुर क्लस्टर के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड को सोलर पार्क, ऑटो हब, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण का हब बनाने के लिए सरकार सभी निवेशकों को आमंत्रित कर रही है. इस मौके पर विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एल खिंग्याते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, रेसिडेंशियल आयुक्त मस्तराम मीणा, सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, निदेशक उद्योग जितेंद्र कुमार सिंह एवं उद्योगपति एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे.



