
Ranchi/Jamshedpur : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में सम्मिलित हुए. इस बैठक में ज्वाइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन (JEE-main) एवं नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) (NEET) की सितंबर 2020 में होने जा रहे परीक्षा को लेकर चर्चा हुई. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इन परीक्षाओं को लेकर झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने की घोषणा की है. पिछले दिनों परीक्षा को स्थिगित करने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था. इसके साथ ही एनटीए ने जेईई मेन का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि परीक्षा का आयोजन होने की स्थिति में राज्य में परिवहन आदि सेवाओं को शुरू करना पड़ेगा. इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है. क्योंकि राज्य में बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्यों से भी विद्यार्थी परीक्षा देने आते हैं. ऐसे में परिस्थिति को देखते हुए यहां परीक्षा का आयोजन उचित नहीं होगा.
सात राज्य जायेंगे सुप्रीम कोर्ट, सोनिया संग मीटिंग में फैसला
जानकारी के अनुसार कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर राज्यों के बकाया जीएसटी और नीट-जेईई परीक्षा को लेकर एक बैठक की। बैठक में कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के अलावा कांग्रेस समर्थित सरकारों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. बैठक में सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उक्त मसले पर सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 17 अगस्त को नीट और जेईई मेन परीक्षाओं को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद एनटीए ने जेईई मेन 2020 एग्जाम के एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने टिप्पणी की थी कि कोविड-19 के बावजूद हमें जीवन में आगे बढ़ना है और अदालत राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के निर्णय के साथ हस्तक्षेप करके छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकती है. “आप (वकीलों) ने अदालत खोलने की मांग की है मगर आप परीक्षाओं को स्थगित करना चाहते हैं।” पीठ ने कहा कि परीक्षा स्थगित करना देश के लिए नुकसान है. परीक्षाएं सितंबर में आयोजित होने वाली हैं.







