रांची : झारखंड की जेपीएससी -1 की टॉपर रही शालिनी विजय, उनकी मां और भाई ने एक साथ केरल में आत्महत्या कर ली है. तीनों का शव केरल के एर्नाकुलम के कक्कनाड स्थित सरकारी आवास से जब्त किया गया है. घटना में पुलिस ने तीनों शवों को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है. इस घटना ने लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किस कारण से एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया है. वहीं टॉपर के पिता मनीष विजय केरल के ककनाड में कस्टम विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत है. वह घर से फरार है. घटना में झारखंड की लोकसेवा आयोग के पहले बैच (जेपीएससी – 1) की टॉपर रही शालिनी विजय, उनकी मां शकुंतला और भाई मनीष विजय ने आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया है. शालिनी विजय जेपीएससी-वन की टॉपर रही थी और लंबे समय तक झारखंड में डिप्टी कलेक्टर रैंक में काम कर रही थी. दो साल पहले वह छुट्टी पर गयी थी, उसके बाद ड्यूटी पर वापस नहीं लौटी. शालिनी विजय केरल की ही रहने वाली थी. (नीचे भी पढ़ें)
सूत्रों के मुताबिक शालिनी विजय अपने भाई मनीष, जो केंद्रीय उत्पाद शुल्क के सहायक आयुक्त थे और मां को केरल के एर्नाकुलम के कक्कनाड स्थित सरकारी आवास में मृत पाया गया. शालिनी विजय व उसके भाई मनीष का शव घर में ही फांसी पर लटकी मिलीं, जबकि उसकी मां शकुंतला का शव बिस्तर पर मिला है. पुलिस के मुताबिक तीनों ने कई दिन पहले ही आत्महत्या कर ली थी. मनीष विजय ने करीब सप्ताह पहले छुट्टी ली थी. छुट्टी खत्म होने के बाद भी जब वह कार्यालय नहीं पहुंचे, तो उनके साथ काम करने वाले लोग उनके घर पहुंचे. जब उनके सहयोगी घर पहुंचे, तो पाया कि घर से दुर्गंध आ रही है. तब घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी.सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ करके देखा, तो पाया कि शालिनी विजय और मनीष की लाश फांसी के फंदे से लटका हुआ है, जबकि मां शकुंतला का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था. तीनों ने कई दिन पहले ही आत्महत्या कर ली थी. इस कारण शवों से दुर्गंध आने लगा था. मनीष विजय के सहयोगियों ने पुलिस को बताया है कि उसकी मां पहले से यहीं रहती थी. करीब साल भर पहले उसकी बहन भी यहीं रहने आ गयी थी. पुलिस शालिनी के पति की तलाश में जुट गयी है. इसके बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा होने की संभावना है.



