रांची: रांची प्रक्षेत्र के आईजी कार्यालय में भाकपा माओवादी इनामी रीजनल कमांडर अमन गंझू ने बुधवार को झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ पदाधिकारियों के समक्ष सरेंडर कर दिया. अमन मूलरुप से बिहार के औरंगाबाद जिले के ढिबरा गांव का रहनेवाला है. भाकपा माओवादी के बिहार रीजनल कमेटी के कोयल- शंख जोन के शीर्ष नेता अरविंद जी के निधन पर के बाद संगठन विस्तार, नीति निर्धारण, कार्रवाई की योजना एंव क्रियान्वयन में अमन गंझू का अहम योगदान रहा. झारखंड सरकार ने अमन गंझू पर 15 लाख व एनआईए ने चार लाख इनाम घोषित किया था.(नीचे भी पढ़े)
इस अवसर पर आईजी अभियान एवी होमकर, रांची जोनल आईजी पंकज कंबोज, गढ़वा एसपी अंजनी झा व सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे. आईजी अभियान एवी होमकर ने बताया कि 2022 में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस अभियान में सुरक्षा बलों को काफी सफलता मिली. जिसके कारण पारस नाथ, बूढ़ा पहाड़, ट्राई जंक्शन से नक्सलियों का सफाया हो गया. इसे साल अब तक 13 नक्सलियों ने सरेंडर किया.30 नक्सली मारे गए और करीब 1300 नक्सली गिरफ्तार किए गए.कोल्हान में नक्सलियो के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जहां सफलता भी मिल रही है.(नीचे भी पढ़े)
2004 में संगठन से जुड़ा: अमन गंझू साल 2004 में माओवादी संगठन से जुड़ा था. तब से लेकर संगठन में सक्रिय कार्य करता रहा. उस पर गढ़वा में 10 मामले व लातेहार में सात मामले दर्ज है. विदित हो कि झारखंड पुलिस ने फरवरी 2022 में लोहरदगा के बुलबुल इलाके में सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया था. इस अभियान में माओवादी नेता कमांडर रविंद्र गंझू दस्ते को काफी नुकसान पहुंचा था. अभियान में रविंद्र व अमन गंझू किसी तरह जान बचाने हुए भाग निकले थे. भागने के क्रम में अमन छकरबंधा की ओर निकल गया . जबकि रविंद्र गंझू बूढ़ा पहाड़ इलाके में चला गया. इसके बाद पुलिस ने छकरबंधा इलाके में एक बड़ा अभियान चलाया. इसके बाद मुख्यधारा में जुड़ने और परिवार से जीवन जीने के लिए उसने सरेंडर किया.



