
जमशेदपुर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपना सचिव कभी पसंद नहीं आता है. चाहे उनके स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रधान सचिव हो या फिर उनके आप्त सचिव या निजी सचिव, सबको वे कुछ दिनों के बाद बदल ही देना चाहते है. ऐसा वाक्या एक बार फिर से सामने आया है. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता 28 जनवरी 2020 को मंत्री पद की शपथ ली थी. अब तक वे दो सरकारी आप्त सचिव और एक निजी सचिव को बदल चुके है. अब उन्होंने अपने नये नवेले सरकारी कोटे से बनाये गये आप्त सचिव दीपक सहाय को बदलने की अनुशंसा कर दी है. उनकी जगह वे चाहते है कि पवन कुमार को अपना आप्त सचिव बनाना चाहते है. दीपक सहाय मानगो अक्षेस, जमशेदपुर अक्षेस, आदित्यपुर नगर पालिका समेत कई जगहों पर विशेष पदाधिकारी रहे है जबकि वे तेज तर्रार ऑफिसर रहे है. लेकिन अब उनको भी बदलने की अनुशंसा कर दी गयी है. इसको बदलने की वजह का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है. इससे पहले बन्ना गुप्ता ने अपने निजी आप्त सचिव गुणानंद झा को हटा दिया था, जिसकी जगह संजय ठाकुर को आप्त सचिव निजी बनाया है तो अपने सरकारी आप्त सचिव आसिफ एकराम को हटाकर दीपक सहाय को सचिव बनाया था. अब दीपक सहाय को हटाकर कार्यपालक दंडाधिकारी पवन कुमार को अपना आप्त सचिव बनाना चाहते है, जो अभी स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव भी है. इसके अलावा एक और निजी सचिव मनोज झा को हटा दिया था, जिसके बदले ओमप्रकाश सिंह बनाया गया. निजी सहायक सचिव के तौर पर प्रभात ठाकुर को बनाया गया. आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आइएएस डॉ नीतिन मदन कुलकर्णी से भी उनकी नहीं बन रही थी, जिसको लेकर काफी विवाद हो चुका था. हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया था. वैसे खुद मंत्री बन्ना गुप्ता या उनके दफ्तर ने इसको लेकर चल रही खबरों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है.







