देवघर : गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और गायक सह दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का मामला गर्मा गया है. सांसद निशिकांत दुबे एफआइआर दर्ज होने के बाद वह शनिवार को मंदिर थाना पहुंचे. मंदिर थाना पहुंचने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन जब भी हमें बुलाएगा मैं हमेशा प्रशासन के सामने मौजूद रहूंगा मैं कोई भगोड़ा नहीं हूं. उन्होंने कहा कि वह कानून बनाते हैं और कानून का सम्मान करना उनका धर्म और वह अपने धर्म को निभाने से कहीं भी पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें जैसे ही पता चला कि उनके ऊपर एफआइआर हुआ है वह सीधा मंदिर थाना पहुंचे लेकिन यहां पर अभी तक पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. इस वजह से वह पुलिस की अनुमति के बाद वापस लौट रहे हैं.(नीचे भी पढ़े)

उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार व्यक्तिगत दुर्भावना से उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रही है. लेकिन वह बैद्यनाथ धाम के आशीर्वाद से यह घोषणा करते हैं कि आने वाले समय में यहां की राज्य सरकार और जिला प्रशासन को उनकी गलती का एहसास करायेंगे और करारा जवाब देंगे. वही उन्होंने कहा कि वह एक सांसद है और धारा 105 के तहत उन्होंने यहां के डीजीपी, मुख्य सचिव, डीसी और एसपी के खिलाफ पार्लियामेंट में सवाल उठाया है. इसकी सुनवाई सोमवार को होगी. अब दिल्ली में ही इन सभी अधिकारियों से सवाल पूछे जाएंगे. बता दें कि सांसद निशिकांत दुबे पर मंदिर के पंडा कार्तिक ठाकुर ने मंदिर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए यह कहा है कि 2 अगस्त को सांसद निशिकांत दुबे और सांसद मनोज तिवारी नियम को ताक पर रखकर निकासी द्वार से मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर रहे थे. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए यह शिकायत किया था कि मंदिर के निकास द्वार से जबरन प्रवेश करने के कारण सुरक्षा व्यवस्था बाधित हुई थी और पूजा में भी व्यवधान हुआ था.











