
रांची : झारखंड विधानसभा में झामुमो के मुख्य सचेतक के रुप में सीनियर विधायक नलिन सोरेन को बनाया गया है. झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के निर्देश पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनका मनोनयन किया है. इसके अलावा जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, मथुरा महतो और चमरा लिंडा को सचेतक बनाया गया है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने उनके मनोनयन की जानकारी विधानसभा को दी. इससे पहले झारखंड 20 सूत्री क्रियांवयन समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर सीनियर विधायक स्टीफन मरांडी को पदस्थापित किया जा चुका है. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का टारगेट है कि जितने भी बोर्ड और निगम है, उसमें अपने लोगों को पदस्थापित कराया जाये. इसके लिए कई लोगों की दावेदारी है. हालांकि, झामुमो के अलावा कांग्रेस और राजद भी इसके लिए दावेदारी कर रहे है. वैसे राज्य सरकार के अधीन करीब 34 बोर्ड और निगम के अलावा निकाय है, जहां राजनेताओं का मनोनयन होता आया है. इसमें सरकारी और गैर सरकारी लोगों का पदस्थापन किया जाता है. इसमें सत्ताधारी दलों के विधायकों के अलावा सत्ताधारी दलों के लोगों को नियुक्त किया जाता है और उनको उपकृत किया जाता है. इसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, राज्य खनिज विकास निगम, पर्यटन विकास निगम, खादी बोर्ड, धनबाद के खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार, बीस सूत्री क्रियांवयन समिति, रांची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार, झारखंड आवास बोर्ड, आदित्यपुर का आयडा, रांची का रियाडा, बोकारो का बियाडा, महिला आयोग, बाल श्रमिक आयोग, हजारीबाग का खान पर्षद, जरेटा, तेनुघाट विद्युत निगम, हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड, श्वेतांबर जैन न्यास बोर्ड, विधि आयोग, गौ सेवा आयोग, राज्य प्रावैद्यिकी शिक्षा प रिषद, संथाल परगना औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार, पहाड़ी क्षेत्र उद्वह सिंचाई निगम, झारखंड ग्रामीण पथ विकास प्राधिकरण, सैरात रेमिशन कमेटी, समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड, झारखंड भवन व सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड, झारखंड बिजली बोर्ड, झारखंड वन विकास निगम समेत अन्य निगम और बोर्ड शामिल है.






