
रांची : झारखंड सरकार ने झारखंड कैडर के चर्चित आइपीएस अधिकारी रहे अमिताभ चौधरी को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का चेयरमैन बनाया है. श्री चौधरी पांच जुलाई 2022 तक चेयरमैन बने रहेंगे. श्री चौधरी राज्य के वैसे चर्चित लोगों में शामिल हैं जिन्होंने शासन, प्रशासन, क्रिकेट और राजनीति को एक साथ साधा है. श्री चौधरी की छवि सख्त प्रशासक की रही है, जो निश्चय कर लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. उनकी यही रिजल्ट ओरिएंटेड छवि के कारण सीएम ने यह जिम्मेदारी सौंपी है. देखने वाली बात यह है कि जेपीएससी अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव में सिर्फ इनका ही नाम था. वे सभी क्षेत्रों में अपनों के साथ विरोधियों के लिए भी उतने ही स्वीकार्य रहे हैं. पदभार ग्रहण के बाद श्री चौधरी ने कहा कि जेपीएससी के द्वारा आयोजित परीक्षा में पारदर्शिता लाना और समय पर रिजल्ट निकालना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है. इसके लिए जेपीएससी में कमियों का दूर करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए जेपीएससी का गठन किया था, उस पर खरा उतरने का प्रयास करुंगा. उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती वर्ष 2006 से अब तक फंसी हुई 2500 नियुक्तियां के लिए परीक्षा लेना व उसका रिजल्ट निकालना चुनौती है. इससे भी बड़ी चुनौती आयोग की धूमिल छवि और कार्यशैली में सुधार लाना है. आयोग गठन के 19 साल हो गए. अब तक छह बार राज्य सिविल सेवा की परीक्षा हुई. लेकिन किसी न किसी मामले को लेकर अध्रर में लटका हुआ है. आयोग गठन के बाद करीब जेपीएससी ने 18 परीक्षाएं ली. इनकी सीबीआइ जांच चल रही है. इस मामले कोर्ट में सुनवाई चल रही है. आयोग के पास दो हजार से ज्यादा विवि के शिक्षकों की प्रोन्नति देने के मामले का निराकरण करना है, जो वर्षों से लंबित है. इसके अलावा अन्य विभागों के कर्मियों का भी प्रोन्नति का मामले का निपटारा करना है. इससे पूर्व भी तीन आईएएस आयोग के अध्यक्ष रह चुके है. श्री चौधरी के समक्ष आयोग व अन्य विभागों में रिक्त पदों को भरने की चुनौती है. राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने के लिए गंभीर है. अब उम्मीद है कि सारे रिक्त पदों को भरा जायेगा और बहालियां तेज हो जायेगी. इस बीच झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग को आदेश दिया है कि शिक्षकों की नियुक्ति को जल्द से जल्द भरा जाये. सभी विश्वविद्यालयों को भी कार्रवाई करने को कहा है. राज्यपाल सभी कुलपतियों से बातचीत कर रही थी. (नीचे पढ़ें कहा कितनी होनी है बहालियां)
2500 से ज्यादा बहालियां हो सकेगी :
नियुक्तियां———————–जो पद रिक्त है, जिसको भरा जायेगा
असिस्टेंट टाउन प्लानर———————-77
विश्वविद्यालय में अफसर——————-05
मेडिकल ऑफिसर————————–380
नगर विकास में सहायक अभियंता————-06
नगर विकास में एकाउंट्स ऑफिसर————16
विभिन्न विभख़गों में सहायक अभियंता——–637
छठी डिप्टी कलक्टर सीमित——————-28
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय शिक्षक व अधिकारी–32
बीआइटी सिंदरी प्रोफेशर———————-05
बीआइटी सिंदरी असिस्टेंट प्रोफेशर बैकलॉग——15
पब्लिक हेल्थ ऑफिसर———————–56
असिस्टेंट प्रोफेशर रेगुलर———————552
एपीपी————————————-143
संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग——————10
विश्वविद्यालय में प्रोफेशरों की बहाली———–70
कृषि विभाग——————————–140
प्रथम सीमित डिप्टी कलेक्टर——————50





