देवघर : बाबा नगरी की पुलिस ने नशा माफियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है. पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत जसीडीह थाना क्षेत्र में छापामारी कर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय, अंतरजिला ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मौके से एक महिला सहित कुल 6 शातिर नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इनके पास से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार, 10 जून को देवघर एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि जसीडीह थाना क्षेत्र के स्टेशन के पास रुइया धर्मशाला के पीछे खुले मैदान में कुछ अज्ञात महिला और पुरुष भारी मात्रा में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री के लिए जुटे हैं. सूचना मिलते ही देवघर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमार दल का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और संदिग्ध हालत में मौजूद 6 लोगों को दबोच लिया. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं मौके पर गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस को उनके पास से सफेद पारदर्शी प्लास्टिक और अर्जुन छाप खैनी के पैकेट में सील बंद कुल 76.19 ग्राम ब्राउन शुगर, नगद 63 हज़ार रुपए, 6 पीस की पैड और मल्टीमीडिया मोबाइल, जिससे डीलिंग की जा रही थी, बरामद कर जब्त किया गया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गुल मोहम्मद उर्फ चाचा और इस्माइल अंसारी उर्फ राजू खान द्वारा अवैध रूप से रेल और अन्य मार्गों के जरिए ब्राउन शुगर देवघर लाया जाता था और फिर स्थानीय एजेंटों के माध्यम से इसे खपाया जाता था. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में गुल मोहम्मद उर्फ चाचा (62 वर्ष), इस्माइल अंसारी उर्फ राजू खान, रवि झा,बबलू चौधरी, अजय कुमार महथा व खुशबू देवी शामिल हैं. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. इनमें गुल मोहम्मद उर्फ चाचा के खिलाफ जामताड़ा के मारगोमुंडा थाने में पहले से ही 6 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती, लूटपाट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट एक्ट” से संबंधित मामले शामिल हैं. वहीं अजय कुमार महथा के खिलाफ भी देवघर नगर थाने में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित धाराएं शामिल हैं. इस संबंध में जिला पुलिस ने जसीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ नए कानून बीएनएनएस 2023 की सुसंगत धाराओं एवं एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है. वहीं इस कांड के उदभेदन के लिए बनाई गई पुलिस के टीम की खूब तारीफ भी हो रही है.






