
जमशेदपुर : अयोध्या विवाद के मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोल्हान में शांति व्यवस्था कायम है. जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में पूरी तरह शांति है. तीनों जिले की पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. जमशेदपुर में डीसी रविशंकर शुक्ला और एसएसपी अनूप बिरथरे खुद गश्ती करते नजर आये. इन लोगों ने मानगो समेत आसपास के तमाम वैसे संवेदनशील इलाकों का भ्रमण किया और पुलिस पदाधिकारियों से हालात का जायजा लिया. इसको लेकर दंडाधिकारियों को भी तैनात कर दिया गया था. इसी तरह सरायकेला-खरसावां जिले में भी शांति रही. आदित्यपुर हो या फिर गम्हरिया से लेकर सरायकेला और खरसावां से लेकर ईंचागढ़ से लेकर चांडिल तक शांति बरकरार रही. यहां भी डीसी व एसपी साथ में गश्ती कर लोगों के साथ मिलते रहे और शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की.

इसी तरह पश्चिम सिंहभूम जिले में डीसी अरवा राजकमल और एसपी इंद्रजीत महथा खुद गश्त कर रहे थे. पैदल मार्च करते नजर आये. हर जगह इन लोगों ने जनता से अपील की कि हालात को बिगड़ने नहीं दें और फैसले का स्वागत करते हुए शांति बनाये रखे. इस दौरान पुलिस काफी सजग नजर आयी. वैसे एहतियात के तौर पर कोल्हान के तीनों जिले में जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा यानी धारा 144 लागू कर दी है ताकि किसी तरह के उत्पात को लेकर प्रशासन कार्रवाई कर सके.

दूसरी ओर, अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आलोक में झारखंड राज्य प्रशासन ने विधि व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है. मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने राज्य के सभी 24 जिलों के उपायुक्त और आरक्षी अधीक्षकों को पूरे सप्ताह 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने का सख्त निर्देश दिया है. वहीं फोर्स को किसी भी स्थिति से तत्काल निबटने के लिए रात-दिन एलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया है. शहर से लेकर गांवों तक सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद रखने को कहा है. फिलहाल किसी भी तरह के धार्मिक-सामाजिक आयोजनों की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव ने सभी कार्यालय लगातार खोलने और जो भी अधिकारी व कर्मी छुट्टी पर हैं, उनकी छुट्टियां रद्द कर तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिया है. उपायुक्त और आरक्षी अधीक्षकों को कार्यालय से बाहर निकल कर एक साथ लगातार इलाके में घूमने और शांतचित होकर कोई भी तात्कालिक फैसला लेने की स्वतंत्रता दी है. साथ ही निर्देश दिया है कि पुलिस गश्ती हर इलाके में लगातार हो, ताकि अमन पसंद लोग सुरक्षित महसूस करें और असामाजिक तत्वों पर भी नजर बनी रहे. मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में विधि व्यवस्था को लेकर आलाधिकारियों के साथ सभी डीसी व एसपी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुखातिब थे.
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखें
मुख्य सचिव ने किसी भी अफवाह को ससमय रोकने के लिए सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें. उसका खंडन करें और उसके प्रसार पर रोक लगाएं. उपायुक्तों और आरक्षी अधीक्षकों को हर छोटी-बड़ी सूचना और घटना को गंभीरता से लेने तथा तत्काल उससे राज्य मुख्यालय को भी सूचित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि कही की घटना को स्थानीय बता सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफवाह फैलाने और सदभावना बिगाड़ने की कोशिश पूर्व में देखने-सुनने में आती रही है, ऐसे पोस्ट पर भी नजर बनाए रखें.
कहीं भी भीड़ नहीं जुटने दें
मुख्य सचिव ने सभी धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव सहित अन्य सार्वजिनक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा वहां फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है. साथ ही जरूरत के अनुसार फ्लैग मार्च भी करने को कहा है. उन्होंने उपायुक्त व आरक्षी अधीक्षकों से कहा कि वे स्थिति के अनुसार स्कूल-कॉलेज बंद करने का निर्णय लें. जरूरत महसूस होने पर शराब की दुकानें भी बंद कराएं. वहीं कहीं भी भीड़ इकट्ठी नहीं होने दें। भीड़ होने पर तत्काल कार्रवाई करें. हर समाज के मानिंद लोगों के संपर्क में रहें और उन्हें विश्वास में लेकर विधि-व्यवस्था का संधारण करें. साथ ही निर्देश दिया है कि कहीं भी लावारिस हालत में पड़े सामान पर भी नजर रखें और उसका निष्पादन करें. वाहन चेकिंग लगातार करें. सभी थाना से लगातार सूचना संग्रहित करने और उस पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कारागारों पर भी विशेष नजर बनाए रखने का निर्देश दिया. डीजीपी कमल नयन चौबे ने सभी एसपी से कहा कि वे विधि-व्यवस्था के संधारण में अपने अनुभव व कौशल का भरपूर इस्तेमाल करें. पूर्व से चिह्नित गड़बड़ी वाले इलाके पर विशेष नजर रखने और एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया. बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह सुखदेव सिंह, डीजीपी कमल नयन चौबे, डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू, एडीजी अजय कुमार सिंह, एडीजी मुरारीलाल मीणा, आइजी नवीन कुमार सिंह तथा आइजी साकेत कुमार उपस्थित थे.



