मेदिनीनगर (पलामू) :बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में देश की पहली महिला शिक्षिका समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की 129 वीं पुण्यतिथि मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष अध्यक्ष उदय राम ने की. संचालन संजय कुमार ने किया. सर्वप्रथम सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर फूल माला चढ़कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई.(नीचे भी पढ़े)
इस मौके पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि सावित्री बाई फुले शिक्षाविद व समाज सुधारक थी. उन्होंने अनेक कठिनाइयों और सामाजिक बाधाओं का सामना करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज से जागरूकता समानता एवं नारी सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया. सावित्री बाई फुले का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक है. उन्होंने समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए. (नीचे भी पढ़े)
सावित्री बाई फुले ने वंचित वर्गों के लिए पांच स्कूल खुलवाए और सती प्रथा का विरोध किया. समाज में ऊंच-नीच का भेद भाव मिटाने के लिए काफी संघर्ष किया. सावित्री बाई फुले व उनके पति ज्योतिबा फुले ने मिलकर वंचित वर्गों के महिलाओं को शिक्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप आज समाज में महिलाएं आत्म निर्भर बन रही हैं. सावित्री बाई फुले का निधन 10 मार्क 1897 ईस्वी में हुआ था.इस अवसर पर कृष्णा राम, गोपाल मोची, नागेंद्र राम, अरविंद कुमार, अखिलेश राम, विजय राम, अनिल राम सहित कई लोग उपस्थित थे.







