
जमशेदपुर : जमशेदपुर से सटे सरायकेला खरसांवा जिले से एक करोड़ के इनामी भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रशांत बोस उर्फ बूढ़ा उर्फ किशन दा और उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के बाद अब नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है. झारखंड पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया जब वो अपनी पत्नी और टीम के साथ सारंडा के जंगलों से पारसनाथ जा रहे थे. पुलिस ने कांड्रा के गिद्धीबेड़ा टोल प्लाजा के पास से सभी को एक कार से गिरफ्तार किया. पुलिस उसे थाना ले गई जहां सभी से पूछताछ कर रही है. प्रशांत बोस उर्फ किशन दा मूल रुप से पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के रहने वाले है. उन्होने नक्सलबाड़ी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रशांत बोस ने झारखंड समेत छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों में संगठन विस्तार करने का काम किया साथ ही पुलिस पर बड़े हमले और अमानवीय घटनाओं में शामिल रहे हैं. बूढ़े होने पर उनकी सुरक्षा का जिम्मा कुख्यात नक्सली चमन उर्फ लंबू उर्फ करमचंद के हाथों में थी. इसी बीच प्रशांत ने धनबाद जिले के टुंडी स्थित नावाटांड़ गांव की नक्सली शीला मरांडी से शादी की. शीला मरांडी भी केन्द्रीय कमिटी सदस्य थी जिसे लगभग डेढ़ दशक पूर्व पुलिस ने ओड़िशा से गिरफ्तार किया था. सरकार ने प्रशांत बोस, केन्द्रीय कमिटी सदस्य मिसिर बेसरा, अनल दा उर्फ पतिराम माझी पर एक-एक करोड़ जबकि चमन उर्फ कर्मचन्द हांसदा पर 25 लाख का इनाम घोषित किया है. साल 2018 में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रशांत बोस पश्चिम सिंहभूम के गोइलकेरा स्थित सांरडा के जंगलों में छुपा है. इसके बाद एक टीम का गठन कर छापेमारी की गई थी पर प्रशांत पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया था. प्रशांत बोस और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी से काफी बड़ी सफलता पुलिस को मिली है. दोनों से पुलिस कई राज उगलवाने का प्रयास कर रही है ताकि नक्सलियों के सारे संगठन को नेस्तनाबूंद किया जा सके.














