
रांची : झारखंड विकास मोरचा के विधायक बंधु तिर्की को पार्टी से बरखास्त करने के बाद शुक्रवार को विधायक प्रदीप यादव पर भी पार्टी ने कार्रवाई की. इसके साथ ही प्रदीप यादव को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया है. प्रदीप यादव को विधायक दल का नेता बनाया गया था, जिसको शुक्रवार को हटा दिया गया. प्रदीप यादव को हटाने के साथ ही झामुमो की हेमंत सोरेन की सरकार से झारखंड विकास मोरचा ने अपना समर्थन वापस ले ली है. इसकी सूचना मुख्यमंत्री, राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को दे दी है. सरकार गठन के बाद झाविमो ने झामुमो की हेमंत सोरेन की सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया था. प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने गुरुवार को कांग्रेस के अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद शुक्रवार को प्रदीप यादव को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है. इसके बाद अब यह उम्मीद जतायी जा रही है कि प्रदीप यादव को बरखास्त भी किया जा सकता है. हालांकि, झाविमो के अधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि अभी विधायक दल के नेता पद से प्रदीप यादव को हटाया गया है और सरकार से समर्थन को वापस लिया गया है. इसके अलावा कोई बातें नहीं है. दूसरी ओर, बंधु तिर्की और प्रदीप यादव नयी दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद रांची लौट आये. रांची आने के बाद से उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हो चुकी है. वैसे चूंकि, बंधु तिर्की झाविमो से बरखास्त हो चुके है, इस कारण वे कांग्रेस में आसानी से जा सकते है, लेकिन झाविमो में रहते हुए प्रदीप यादव कांग्रेस में शामिल होंगे तो दल बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. इस कारण कांग्रेस में अभी शामिल होने को लेकर अनिश्चितता है. इस पर खुद प्रदीप यादव ने कुछ नहीं कहा है.







