अन्नी अमृता / जमशेदपुर : खनन पट्टा मामले को लेकर चुनाव आयोग का फैसला क्या होगा इसका अंदेशा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हो ही चुकी था. इसलिए उन्होंने बैठक बुलाकर सत्ताधारी विधायकों के मन टटोलने की कोशिश की थी. अगर सीएम की विधायकी जाती है तो अगला चेहरा कौन होगा? क्या झामुमो-कांग्रेस को तोड़कर भाजपा ऑपरेशन लोटस को अंजाम देगी या कोई विकल्प हो पाएगा अथवा सरकार दूसरे चेहरे के साथ चलेगी? सीएम को इसका कितना जवाब मिला यह तो वे ही जानें, लेकिन आज गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने जिस तरह ट्वीट किए उससे राज्य का राजनीतिक पारा फिर गर्म हो चला है. हालांकि दीपक प्रकाश ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया है, फिर भी देखते हैं कि दोनों नेताओं ने क्या ट्वीट किया और ये भी कि आपरेशन लोटस को लेकर सीएम बनने की संभावनाओं के बीच किनके मन में लड्डू फूट रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
निशिकांत दूबे की ट्वीट : “आरएसएस के संस्कारों ने मुझे बड़ा किया, मेरा परिवार इमरजेंसी में जेल गया,भाजपा जैसी पार्टी ने मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को सांसद बनाया जिसके नेतृत्वकर्ता माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी पर हमें गर्व है। घोषणा थी कि अगस्त पार नहीं होगा,वहीं हुआ चुनाव आयोग का पत्र राज्यपाल जी को पहुंचा”. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी उत्साह में ट्वीट कर दिया : उन्होंने लिखा कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं! सत्य की जीत हुई, चुनाव आयोग का निर्णय आ गया है. झारखंड के लिए एक नया सवेरा!” (नीचे भी पढ़ें)
हालांकि दीपक प्रकाश ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया.उधर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि अगर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारियों के बीच और चुनाव आयोग के फैसले के रास्ते तक झारखंड में आपरेशन लोटस की गाड़ी चल निकलती है तो सीएम कौन बनेगा?कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के साथ दिक्कत यह है कि यहां बाबूलाल मरांडी,रघुवर दास से लेकर दीपक प्रकाश और निशिकांत दूबे हर कोई सीएम कैंडिडेट ही है.यहां किसी एक नाम पर आम सहमति नहीं दिखती. निशिकांत दूबे ने जिस तरह का ट्वीट किया है और जिस तरह उनके इलाके में विकास को लेकर केंद्र सरकार का सहयोग मिलता है कयास ये भी है कि आपरेशन लोटस के राजा कहीं वही न हो..आगे आगे देखिए होता है क्या?





