
रांची : झारखंड में पूरे देश के साथ होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को दल बल के साथ नामांकन कर दिया. आजसू के विधायक लंबोतर महतो उनके प्रस्ताव बने. उन्होंने दो सेट में अपना नामांकन विधानसभा के सचिव महेंद्र प्रसाद को सौंपा. दीपक प्रकाश के नामांकन के दोनों ही सेटों में दस-दस विधायक प्रस्ताव बने है. उनके नामांकन के दौरान उनके साथ भाजपा के केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह समेत भाजपा के सांसद और विधायक शामिल थे. सभी ने दीपक प्रकाश की जीत का दावा किया.

झारखंड के दो सीटों के लिए तीन का नामांकन होगा
झारखंड में दो सीटों के लिए राज्यसभा का चुनाव होने जा रहा है. इसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख शुक्रवार को ही निर्धारित की गयी है. झामुमो से गुरुजी शिबू सोरेन का नामांकन पहले ही दाखिल हो चुका है. 11 मार्च को ही उन्होंने नामांकन कर दिया है जबकि इस सीट के भाजपा की ओर से दीपक प्रकाश को प्रत्याशी बनाया था, जिसका नामांकन दर्ज किया गया था. गुरुवार को कांग्रेस ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर शहजादा अनवर के नाम की घोषणा की, जो रामगढ़ के रहने वाले है और कांग्रेस के अलावा पहले राजद समेत कई पार्टियों में रह चुके है. 13 मार्च को अंतिम दिन शहजादा भी नामांकन करेंगे. 26 मार्च को बैलेट पेपर के जरिये मतदान होगा. इसी दिन शाम को पांच बजे नतीजों की घोषणा भी कर दी जायेगी. दो सीट के लिए तीन प्रत्याशी होने के बाद यह चुनाव रोचक हो चुका है. शहजादा अनवर के नामांकन के बाद क्या हालात होंगे, इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. वैसे यह दावा किया जा रहा है कि भाजपा के प्रत्याशी की जीत तय है. वैसे आजसू के साथ आ जाने के बाद भाजपा ने राहत की सांस ली है.
कौन है दीपक प्रकाश :
दीपक प्रकाश वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष है. भाजपा के जमीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता रहे है. करीब 35 साल से वे भाजपा और संघ से जुड़े रहे है. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी और उनको बाबूलाल मरांडी का करीबी माना जाता था. जब झाविमो का गठन बाबूलाल मरांडी ने किया था, तब दीपक प्रकाश भी झाविमो में गये थे, लेकिन बाद में फिर से भाजपा में आ गये. दीपक प्रकाश संगठन से जुड़े रहे है और लगातार चुनावों में सक्रिय रहे है. लक्ष्मण गिलुवा जब प्रदेश अध्यक्ष थे तब वे ही भाजपा के महामंत्री थे. पार्टी ने उनको भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया और फिर भाजपा ने उनको राज्यसभा का भी टिकट दे दिया.






