
जमशेदपुर : झारखंड के खूंटी में पकड़े गये कजाकिस्तान और तुर्की के 11 मुसलमानों की जांच पूरी हो गयी है. कोरोना वायरस को लेकर उनके दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आये है यानी किसी में कोरोना वायरस के पोजिटिव नहीं पाये गये और कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं आये है. लेकिन उनकी गतिविधियां काफी संदिग्ध मानी गयी है. उनकी गतिविधियों को लेकर अब पुलिस छानबीन कर रही है. उनको जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम जिला) के जादूगोड़ा स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में रखा गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. जादूगोड़ा में शुक्रवार को एनआइए और सेंट्रल इंटीलिजेंस की टीम पहुंची और करीब दो घंटे तक लगातार पूछताछ की. बताया जाता है कि इन ग्यारह लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गयी. कजाकिस्तान और तुर्की के रहने वाले होने के कराण पूछताछ करने में काफी ज्यादा दिक्कतें हो रही है क्योंकि किसी को हिंदी नहीं आती है. वैसे अंग्रेजी भी उनको ठीक से नहीं आती है.

कजाकिस्तान और तुर्की में बोले जाने वाली स्थानीय भाषा और ऊर्दू का मिलता-जुलता भाषा बोला जा रहा है. इन लोगों से यह पूछताछ की गयी कि आखिर कैसे और किन हालात में वे लोग कजाकिस्तान और तुर्की से यहां आये और वे लोग यहां क्या कर रहे थे. इन लोगों ने बताया है कि जमशेदपुर से सटे कपाली क्षेत्र (सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत आने वाले एरिया) में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आये थे. वैसे वे लोग करीब 15 दिनों से जमशेदपुर और आसपास के इलाके में रह रहे है और लगातार वे लोग जगह बदल रहे थे. कपाली में दस दिनों तक रहे जबकि पांच दिन बुंडू, तमाड़ समेत कई मुसलिम बहुल झारखंड के इलाकों का भ्रमण किये थे. चांडिल क्षेत्र में भी वे लोग भ्रमण किये थे और किस तरह धर्म के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना है और मुसलिम धर्म को कैसे मजबूत किया जाना है, उसके बारे में भी लोगों को बताया है. इसके अलावा विदेशों से फंड कैसे आते है और मुसलिम समुदाय के सारे संगठनों और धार्मिक स्थानों को कैसे जोड़ा जाना है, उसके बारे में भी पूछताछ की गयी है. वैसे अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि जब वे लोग हिंदी, अंग्रेजी या यहां बोली जाने वाली ऊर्दू तक नहीं जानते है तो फिर यहां वे लोग क्या कर रहे थे. पुलिस के सहयोग से पूछताछ की जा रही है, लेकिन भाषा आड़े आ रही है. इसके लिए अब एनआइए और सेंट्रल इंटीलिजेंस की टीम इस टीम से पूछताछ करेगी तो बीच में इंटरप्रेटर रखेगी जो दोनों ही भाषाओं का जानकार होगा. कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच इन विदेशियों से पूछताछ की जा रही है. कोरोना वायरस को लेकर भी संक्रमण तो नहीं है, इसकी भी जांच की जा रही है. दो रिपोर्ट नेगेटिव आयी है, लेकिन एक और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.







