
रांची : झारखंड सरकार ने ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) की नियमावली में बदलाव किया है, जिसको राज्यपाल की मंजूरी मिल गयी है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अब टीएसी के सदस्य मनोनित करने का अधिकार होगा. इसमें कुल 20 सदस्य होंगे, जिसमें 15 आदिवासी (एसटी) विधायक होंगे. इसके अलावा 3 लोग गैर विधायक को मुख्यमंत्री सदस्य के तौर पर मनोनित कर सकते है. मुख्यमंत्री ही टीएसी के अध्यक्ष होंगे जबकि उपाध्यक्ष का पद आदिवासी कल्याण मंत्री को दिया जायेगा. देश के पांचवीं अनुसूची के मुताबिक, राज्यों में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल जनजातीय समुदाय के लिए नीति बनाने के साथ साथ नीतियों में सुधार भी करता है और इसको लेकर राज्यपाल को सुझाव देता है. इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के आर्थिक और सामाजिक विकास करना होता है. इसके अलावा जो समाज वंचित वर्ग में है, उसको यह मजबूत बनाता है जबकि नीतियों में जो कमी होती है, उसको दूर करने का सुझाव भी सरकार और राज्यपाल को देता है. नयी नियमावरली के मुताबिक, टीएसी में एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन के साथ साथ 8 सदस्य होंगे. चेयरमैन नहीं होते है तो वाइस चेयरमैन को यह अधिकार दिया गया है कि वह मीटिंग की अध्यक्षता करें. इसके अलावा 18 और सदस्य होंगे, जिसमें से 15 सदस्य आदिवासी विधायक होंगे. इसका सचिव आदिवासी कल्याण विभाग के सचिव होंगे. टीएसी का संचालन हिंदी में ही होगा.




