
रांची : झारखंड विकास मोरचा का भाजपा में विलय होने का सिर्फ औपचारिकता बाकि रह गयी है. बंधु तिर्की को निष्कासित करने के साथ ही इसका रास्ता साफ हो गया है और अब प्रदीप यादव भी कांग्रेस में जा रहे है. बंधु तिर्की ने तो कह दिया है कि वे कांग्रेस में जा रहे है, लेकिन प्रदीप यादव वेट एंच वाच की स्थिति में है. झामुमो की सरकार से बाबूलाल मरांडी अपना समर्थन वापस ले चुके है जबकि भाजपा के प्रधान महासचिव के पद पर अभय सिंह को पदस्थापित कर दिया है, जो उनके करीबी है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि बाबूलाल मरांडी की भाजपा में पूरे तामझाम के साथ इंट्री करायी जायेगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में रांची में एक बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें बाबूलाल मरांडी अपने दल का विलय भाजपा में करने के साथ ही अपने पार्टी के नेताओं को भी भाजपा में शामिल करा देंगे. इसके बाद बाबूलाल मरांडी को भाजपा एक बार फिर से आगे करेगी और उनके ही नेतृत्व में भाजपा को पूरे झारखंड में आगे ले जाया जायेगा. आदिवासी चेहरा के साथ ही भाजपा उनके ही नाम पर आगे की राजनीति करेगी और उनके ही नेतृत्व में आने वाले दिनों में चुनाव लड़ेगी. वैसे पार्टी में ज्वाइन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भी उनकी मुलाकात होगी, जिसके बाद विलय हो जायेगी. सारी कानूनी अड़चनों को दूर करते हुए भाजपा में बतौर विधायक ही बाबूलाल मरांडी की इंट्री होगी और वहीं विपक्ष के नेता रहेंगे. वैसे बाबूलाल मरांडी के आने के ही इंतजार में अब तक विपक्ष का नेता या भाजपा के विधायक दल के नेता का चुनाव तक नहीं हो पाया है. प्रदेश अध्यक्ष का पद भी खाली है क्योंकि लक्ष्मण गिलुवा लोकसभा और विधानसभा चुनाव खुद हार चुके है और पार्टी को अपना इस्तीफा भेज चुके है, ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष का भी पद खाली है. वैसे अंदरखाने जो बातें सामने आ रही है कि बाबूलाल मरांडी की भाजपा में इंट्री का सियासी मंच तैयार करने में खुद पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का ही हाथ है. रघुवर दास चाहते है कि बाबूलाल मरांडी आदिवासी चेहरा भाजपा के बने रहे और विपक्ष के नेता भी बन जाये ताकि अर्जुन मुंडा को रोका जा सके. अर्जुन मुंडा को खूंटी से सांसद बनाकर भेजने में खुद रघुवर दास की लाबिंग ही काम की थी और अब उनको केंद्रीय मंत्री बनाकर केंद्र की राजनीति में उनको भेज दिया गया है. ऐसे में रघुवर दास खुद चुनाव हार चुके है. कोई नया चेहरा की तलाश हो और अर्जुन मुंडा युग की वापसी हो जाये, यह खुद रघुवर दास नहीं चाहते है. ऐसे में रघुवर दास की ही लाबिंग के कारण बाबूलाल मरांडी को फिर से इंट्री करायी जा रही है.






