रांची : दिल्ली की तरह ही अब झारखंड में भी नई उत्पाद नीति लाने की बात चल रही है. लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्त न होन से सरकार परेशान है. इसके लिए अब झारखंड सरकार शराब का थोक व्यापार अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रही है. बताते चले कि सरकार ने शराब बेचने के लिए 2022-23 में छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाया था और इसके तहत छत्तीसगढ़ की स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को शराब बेचने का काम सौंपा था. (नीचे भी पढ़ें)
मार्च 2023 तक 2310 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था और अब तक केवल 1750 करोड़ का ही राजस्व वसूला जा सका है. जिससे सरकार को 560 करोड़ का नुकसान होता दिख रहा है. मार्च का महीना अब समाप्त ही होने वाला है. परिस्थितियों को देखते हुए लक्ष्य पूर्ति तो संभव नजर नहीं आ रही है. इन सभी बातों को लेकर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने मुख्य सचिव व सदस्य राजस्व पार्षद से समीक्षा करने की बात कही है और विभागीय सचिव को पत्र भी लिखा है. साथ ही छत्तीसगढ़ की कंपनी को हटाने के प्रपोजल पर अपनी स्वीकृति दे दी है. बताते चले कि राजस्व में हुए नुकसान को लेकर सरकार ने एजेंसी पर 44 करोड़ का फाइन भी लगाया है.




