जयपुर: राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि और सरकारी शिक्षक केसर देव मारवाड़ी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. ये हादसा देर रात करीब 2 बजे खाटूश्यामजी के रींगस कस्बे में मिलतिराहे के पास हुआ. वे अपनी पत्नी के साथ शादी समारोह से जयपुर लौट रहे थे तभी उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई. प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण नींद की झपकी आना माना जा रहा है.(नीचे भी पढ़े)

कार के उड़े परखच्चे: हादसा इतना भीषण था कि कार का एक हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया. लोहे की चादरें अंदर तक मुड़ गईं और कार के परखच्चे उड़ गए और पूरी तरह पिचक गई. मौके पर पहुंचे लोगों के मुताबिक दृश्य इतना भयावह था कि देखकर रोंगटे खड़े हो गए.(नीचे भी पढ़े)

कार में फंसा रह गया शव:हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केसर देव मारवाड़ी का शव कार में बुरी तरह फंस गया था. पुलिस और स्थानीय लोगों को शव बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रींगस के राजकीय उप-जिला अस्पताल की मार्चरी में रखवाया गया. पुलिस के अनुसार हादसे के समय कार में उनकी पत्नी चंदा प्रजापत भी मौजूद थीं. उन्हें हल्की चोटें आई हैं और वे खतरे से बाहर हैं.(नीचे भी पढ़े)
सरकारी शिक्षक के पद पर थे कार्यरत: केसर देव मारवाड़ी जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. वे मंचीय हास्य कविताओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध थे. परिजनों के अनुसार उनके 2 बेटियां हैं. हादसे के बाद से घायल पत्नी और बेटियों ही रो-रोकर बुरा हाल है.(नीचे भी पढ़े)

मारवाड़ी युवा मंच से था विशेष लगाव: मारवाड़ी युवा मंच स्टील सिटी शाखा द्वारा आयोजित हास्य कवि सम्मेलन दिनांक 5 मार्च 2024 एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में केसर देव मारवाड़ी कवि अतिथि के रूप में मौजूद थे. सत्र 2023-24 के अध्यक्ष मोहित मुनका ने बताया केसर देव मारवाड़ी का आगमन 5 मार्च 2024 जमशेदपुर में हुआ था उनके अध्यक्ष काल में हुआ था. मारवाड़ी युवा मंच के प्रति था विशेष लगाव. उन्होंने मारवाड़ी युवा मंच द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रव्यापी सेवा कार्यों की खुले मंच से सराहना की थी. विशेष रूप से उन्होंने मारवाड़ी युवा मंच स्टील सिटी शाखा की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह शाखा राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्य कर रही है, जो संगठन की सकारात्मक छवि को मजबूत करती है.(नीचे भी पढ़े)
मोहित मुनका ने बताया “केशर देव मारवाड़ी सुपर प्रसिद्ध कवि होने के बावजूद भी बेहद सरल, नरम,जमीनी स्तर के व्यक्ति थे वह अपनी मारवाड़ी भाषा को लेकर काफी सहजक और गर्व महसूस करते थे. इतने बड़े कवि होने के बावजूद भी वह बहुत ही विन्रम में स्वभाव के थे उनकी याद हमेशा आएगी.
अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के सभी सदस्य की तरफ से केशर देव मारवाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित एवं शोक जताई गई.







