सरायकेला: खरसावां प्रखंड की महिला समिति के अथक प्रयास से प्रखंड के रेंगोगोड़ा गांव में अवैध ढंग से संचालित पांच देशी शराब की भट्ठियों को बंद करा दिया गया है. अभियान में शामिल महिलाओं ने बताया कि रेंगोगोड़ा गांव खरसावां प्रखंड के सभी नशेड़ियों का अड्डा बन गया था. नशेड़ियों के कारण यहां की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही थी.महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्षेत्र की विभिन्न महिला समितियों के सदस्यों द्वारा 7 फरवरी को श्री साईं चबूतरा रेंगोगोड़ा में बैठक किया गया. बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए बैठक समाप्ति के उपरांत अवैध ढंग से संचालित कुल पांच देशी शराब भट्ठियों में धावा बोला गया एवं महिलाओं के द्वारा सभी अवैध भट्ठी संचालन कर्ताओं को 48 घंटे के अन्दर बंद करने की हिदायत दी गयी.(नीचे भी पढ़े)
समय सीमा बीत जाने के बाद 9 फरवरी को समितियों के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया.पांच अवैध संचालित शराब भट्ठियों में से तीन संचालनकर्ताओं ने अवैध बिक्री कर रहे देसी शराब को स्वत: नष्ट कर दिया और दुबारा यह गलती नहीं दोहराने की बात कही. परंतु उनमें से अन्य दो भट्ठी संचालनकर्ता रमेश बोदरा एवं साहेब बोदरा महिलाओं से उलझ गए.महिलाओं के साथ नोक- झोंक भी हुई परंतु महिलाओं ने डटकर सामना करते हुए अंततः उक्त दोनों को भी बंद करवाया.रमेश बोदरा एवं उसकी पत्नी ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए काफी गाली-गलौज कर रहे थे. महिलाओं ने इसकी शिकायत थाना प्रभारी से करने की बात कही है.
महिलाओं ने बताया कि खरसावां थाना प्रभारी काफी व्यवहारकुशल व्यक्ति हैं.बीते दिनों उन्होंने महिला समितियों को आश्वासन दिया था कि किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी आवश्यकता हो तो महिलाएं सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन से मदद ले सकते हैं.इसके लिए उन्हें केवल एक फोन करने की आवश्यकता है.थाना प्रभारी ने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर महिलाओं को दिया था.व्यापक शांति व्यवस्था की दिशा में महिलाओं के द्वारा किए गए उक्त कार्यों की प्रशंसा क्षेत्र के प्रबुद्धजनों के द्वारा किया जा रहा है.कई लोगों ने कहा कि पुलिस प्रशासन केवल लकीर पीटती है असली काम तो इन महिला दीदियों ने किया है.अवैध शराब भट्टी बंद कराने में जय मां आकर्षिनी महिला समिति ,आजीविका महिला समिति, जय महादेव महिला समिति ,सुषमा रानी आजीविका महिला समूह एवं जय मां सरस्वती आजीविका महिला समिति , खरसावां के सैकड़ों महिला सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं.



