सरायकेला : पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की अध्यक्षता में सोमवार को मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित हुई. बैठक में सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस अंचल निरीक्षक एवं थाना प्रभारी उपस्थित थे. अपराध गोष्ठी में पूर्व के माह में हुए अपराधों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उद्भेदन के लिए दिशा-निर्देश दिये गए. विगत माह निष्पादित कांडों, यूडी कांडों की थानावार समीक्षा करते हुए फरवरी माह में अधिक से अधिक निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. इसमें सभी संबंधित थाना प्रभारियों को अफीम की अवैध खेती के संदर्भ में आसूचना संकलन कर अगले एक सप्ताह में शत प्रतिशत विनष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया. प्रहरी पहल की समीक्षा करते हुए उसे और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा गया. (नीचे भी पढ़ें)
सड़क दुर्घटना से संबंधित सभी घटना की प्रविष्टि 2 दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया गया. मादक और नशीले पदार्थों, ब्राउन शुगर की बिक्री के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान को तेज करते हुए एनडीपीएस एक्ट से संबंधित कांडो के आदतन अपराधियों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध एनडीपीएस निगरानी प्रस्ताव खोलने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया. सभी थाना प्रभारियों को दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट से संबंधित काण्डों को 60 दिन के अन्दर निष्पादित करना सुनिश्चित करने, जमानत पर जेल से छूटे अपराध कर्मियों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया. इस दौरान लंबित कांडों, जन शिकायत समाधान से संबंधित आवेदन पत्रों की भी समीक्षा की गई. साथ ही त्वरित निष्पादन के संबंध में निर्देश दिये गये. (नीचे भी पढ़ें)
सभी थाना प्रभारियों को गम्भीर किस्म के मामलों में अविलम्ब प्राथमिकी दर्ज करते हुए त्वरित अनुसंधान करने के संबंध में निर्देश दिये गये. पासपोर्ट का सत्यापन 5 दिन के अन्दर पूर्ण कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया. किसी भी परिस्थिति में पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर आवेदनकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने का भी निर्देश दिया. वहीं डायल 112 के तहत प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारी को 15 मिनट के अंदर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
सभी थाना प्रभारियों को अपने- अपने थाना क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जागरूक करने के लिए निर्देशित किया गया. अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रतिवेदित कांडो के निष्पादन के लिए संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिशा-निर्देश दिया गया. साइबर कांडों के संबंध में समीक्षा की गई एवं रोकथाम तथा कांड निष्पादन के संबंध में दिशा- निर्देश दिये गये.



