जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति अंजली गुप्ता से राज्यपाल द्वारा नामित सीनेट एवं सिंडिकेट सदस्य सोनू ठाकुर ने छठवें सीनेट की बैठक के बाद पहली बार शिष्टाचार मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कुलपति को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. इसके पश्चात, कुलपति और सोनू ठाकुर के बीच विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लगभग डेढ़ घंटे तक विस्तृत और गंभीर चर्चा हुई. बैठक में मुख्य रूप से छात्र हितों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और कॉलेजों के इन्फ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत संरचना) से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. इस दौरान विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा और परिणामों में हो रहे विलंब को लेकर चिंता व्यक्त की गई. नामांकन प्रक्रिया समय पर प्रारंभ न होने के कारण आज कई छात्र-छात्राएं एडमिशन के लिए भटक रहे हैं. इस समस्या के समाधान हेतु जल्द से जल्द चांसलर पोर्टल को चालू करने का आग्रह किया गया. (नीचे भी पढ़े)
परीक्षाओं और परीक्षा परिणामों में आ रही देरी तथा कई सेमेस्टर सिस्टम के लेट चलने पर भी चर्चा हुई. इन व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की गई, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो. इसके साथ ही, छात्र कॉलेज कैसे आएं, प्रवेश कैसे लें, छात्रों की उन्नति और उनके एक्स्ट्रा-करिकुलम गतिविधियों को कैसे बढ़ावा दिया जाए, इन बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ. विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कई कॉलेजों की मूलभूत संरचनाएं बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया. एबीएम कॉलेज में पूर्व में हुए एमओयू, वहां की जमीन और महाविद्यालय के निर्माण से संबंधित जानकारी देते हुए, स्थानीय उपायुक्त (डीसी) से बात कर इस मामले को जल्द सुलझाने का प्रयास करने का आग्रह किया गया. इस विषय की जानकारी विधायक को भी दी गई है. अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में इस विश्वविद्यालय में कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों की फीस वृद्धि और उनके मानदेय (वेतन) में बढ़ोतरी करने के मामले पर भी सकारात्मक बातचीत हुई. (नीचे भी पढ़े)
विश्वविद्यालय का कार्य सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नॉन-टीचिंग स्टाफ (शिक्षकेत्तर कर्मचारियों) और संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत शिक्षकों को कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण हो रही परेशानियों पर भी लंबी चर्चा की गई. इन सभी विषयों को सुनने के बाद कुलपति ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन आने वाले समय में इन सभी समस्याओं को जल्द से जल्द ठीक करने और पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए धीरे-धीरे काम कर रहा है. सरकार द्वारा क्लस्टर सिस्टम और रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर बनाए जा रहे दबाव पर सिंडिकेट सदस्य सोनू ठाकुर ने गहरा खेद प्रकट किया. उन्होंने राज्य सरकार से पुरजोर आग्रह किया है कि सरकार को पहले कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहिए, और उसके बाद ही क्लस्टर सिस्टम या रीस्ट्रक्चरिंग जैसे कार्यों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.







