
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उदासीन रवैया से नाराज नजर आए. शनिवार को अस्पताल के आउटसोर्स कर्मी अधीक्षक से मिलने पहुंचे. जहां इन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से कोरोना काल के दौरान नियमित पारा मेडिकल कर्मी एवं अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के तर्ज पर उन्हें भी प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने की मांग की. आपको बता दें, कि राज्य सरकार ने वैश्विक महामारी के इस दौर में लगातार संक्रमित एवं आम मरीजों की सेवा में जुटे नियमित, अनुबंधित एवं पारा मेडिकल स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने की घोषणा की है. हालांकि उसमें आउटसोर्स कर्मचारियों का कहीं कोई जिक्र नहीं है. इसको लेकर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे आउटसोर्स कर्मी सरकार के इस रवैया से खफा है. (नीचे भी पढ़ें)

हालांकि इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल प्रसाद चौधरी ने आउटसोर्स कर्मियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा बगैर आउटसोर्स कर्मचारियों के इस वैश्विक महामारी पर विजय नहीं प्राप्त किया जा सकता. उन्होंने विभागीय सचिव एवं सरकार को इससे अवगत कराए जाने की बात कही. उधर आउटसोर्स कर्मियों ने खुद के साथ धोखा किए जाने का आरोप सरकार पर लगाया. उन्होंने बताया, कि एमजीएम अस्पताल में लगभग ढाई सौ आउटसोर्स कर्मी है. जिनके साथ धोखा किया गया है. फिलहाल इन्होंने अपनी शिकायत अस्पताल के अधीक्षक को सौंप दी है. जल्द ही आगे की रणनीति पर विचार करने की बात उन्होंने कही.




