नई दिल्ली: नीट यूजी पेपर लीक मामले की चल रही सीबीआइ जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. सीबीआइ जांच में पता चला है कि नीट के एक नहीं, बल्कि दोनों सेट लीक किये गए थे. जांच के दौरान पता चला है कि प्रश्न पत्र के दूसरे सेट के सवाल भी ‘गेस पेपर’ के सवालों से हूबहू मेल खाते हैं. यानी कि नीट परीक्षा में चाहे प्रश्न पत्र का जो भी सेट दिया जाता, उसके प्रश्न कुछ परीक्षार्थियों तक पहले ही पहुंच गए थे. नीट पेपर लीक मामले के मास्टर माइंड के रूप में अब तक पूर्व प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी, सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और मनीषा वाघमारे के नाम सामने आए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि नीट यूजी की परीक्षा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से दो सेट में पेपर तैयार किया जाता है. इनमें से कौन सा सेट परीक्षा में दिया जाएगा, इसकी जानकारी सिर्फ नीट के महानिदेशक को होती है. एक सेट के पेपर से परीक्षा ली जाती है, जबकि दूसरा सेट रिजर्व में रखा जाता है, ताकि अगर कहीं कोई गड़बड़ी हो या जरूरत पड़े तो तुरत दूसरे सेट से परीक्षा कराई जा सके. लेकिन जांच में पता चला है कि दूसरे, यानी रिजर्व सेट के प्रश्न भी लीक हो चुके थे. (नीचे भी पढ़ें)
सीबीआइ जांच के में नीट के दूसरे सेट के सवाल भी गेस पेपर से पूरी तरह मिल गए. मिली जानकारी के अनुसार, जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया था और जो पेपर रिजर्व में रख गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सारे सवाल गेस पेपर में मौजूद थे. जांच में खुलासा हुआ है कि प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीष मंधारे ने मिलकर एक गेस पेपर बनाया था, जो कई राज्यों में लाखों में बिका.
इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल ऐसे मिले हैं जो एनटीए के दोनों सेटों में मौजूद हैं. दोनों में से जो सेट परीक्षा में आया था, उसमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल, यानी आधे-आधे क्वेश्चन बैंक में हूबहू शामिल किये गए हैं. (नीचे भी पढ़ें)
सीबीआइ की जांच में इस संबंध में पूर्व प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे के नाम सामने आये हैं. प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी केमिस्ट्री पढ़ाते हैं और मनीषा मंधारे बॉटनी, जूलॉजी के सवालों का अनुवाद करने की एक्सपर्ट थीं और इसी कारण उनकी एनटीए के क्वेश्चन पेपर तक पहुंच थी, जिसके फायदा उठाते हुए उन्होंने पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर नीट पेपर लीक को अंजाम दिया. पता चला है कि प्रो पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा मंधारे ने बॉयोलॉजी के सवाल एनटीए से चोरी किए थे. इसके अलावा सीबीआइ को फिजिक्स के कुछ सवाल भी लीक होने के सबूत मिले हैं. दोनों नीट पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा थे. दोनों ने सवालों को हाथ से लिखवाया और एक ‘गेस पेपर’ नाम देकर बेचा था। इसमें मनीषा वाघमारे ने एजेंट के तौर पर गेस पेपर बेचा. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि पेपर लीक की मास्टरमाइंड मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआइ रिमांड पर भेज दिया गया है. संभावना है कि इस रिमांड अवधि में पूछताछ के दौरान सीबीआइ को पेपर लीक कांड से जुड़ी सारी कड़ियां मिल जायं और इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ भी हो जाए.







