Jamshedpur : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्थानीय भाषा को विशेष महत्व दिया गया है। इससे राज्य के सभी भाषाएं समृद्ध होंगी। अब उन भाषाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिलेगा। झारखंड जैसे जनजातीय बहुल राज्य को भी इस शिक्षा नीति में ध्यान रखा गया है। उक्त बातें गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कही। उन्होंने यह भी कहा कि मैकाले की शिक्षा नीति से जो छात्रों पर बोझ पड़ा था उससे छात्र बचेंगे।
वेबिनार के मुख्य संरक्षक कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) गंगाधर पांडा ने अपने संबोधन में कहा कि इस शिक्षा नीति में सिद्धांत से ज्यादा प्रयोग पर बल दिया गया है। शोध गतिविधि को बढ़ावा मिला है। वेबिनार के संरक्षक कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि इस उच्च शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा में शोध हेतु जो प्रारूप तैयार हुआ है जिसमें एम फिल को हटाकर पीएचडी पर विशेष बल दिया गया है। इससे शोधार्थी एवं शोध निर्देशक के बीच अच्छा तालमेल बनेगा एवं गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य भी बन सकेगा।
वेबिनार के अध्यक्ष व कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एसएन सिंह ने स्वागत भाषण करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वेबिनार की आयोजक सचिव एवं कॉलेज की प्राचार्या डॉ मुदिता चंद्रा ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ कर इसकी जानकारी दी जाएगी। ताकि हमारे छात्र नई शिक्षा नीति को समझ सके और वह लाभान्वित हो सके। बेविनार के संयोजक राजनीति विभाग के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र भारती ने बेविनार का संचालन करते हुए कहा कि इस वेबिनार से भी प्रोत्साहित हुए हैं और आगे भी इससे अच्छा करने हेतु प्रेरित हुए हैं। उन्होंने इस वेबिनार में सहयोग करने के लिए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया।








