
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : खड़गपुर रेल मंडल में एक बार फिर से बालासोर रेल हादसा जैसी घटना की पुनरावृत्ति होने से बच गयी. खड़गपुर रेल मंडल के पांशकूड़ा रेलवे स्टेशन में शुक्रवार रात को ट्रेन संख्या 12834 हावड़ा अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन लाल सिग्नल को पार कर आगे निकल गयी. गनीमत रही कि आगे कोई ट्रेन नहीं थी अन्यथा ट्रेन से टकराने पर एक बड़ा रेल हादसा पांचकूड़ा स्टेशन में हो जाता. घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे की बताई जा रही है. सिग्नल तोड़कर आगे ट्रेन चलाने के मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया. रात में ही हावड़ा अहमदाबाद ट्रेन के मुख्य लोको पायलट आर खलखो और सहायक लोको पायलट एके दास को सस्पेंड कर दिया गया है. दोनों ही लोको पायलट चक्रधरपुर रेल मंडल में पदस्थापित हैं. (नीचे भी पढ़ें)
दोनों लोको पायलट के सस्पेंड कर दिए जाने के बाद हावड़ा अहमदाबाद ट्रेन को चलाने के लिए रेलवे ने दुसरे लोको पायलट को जिम्मेदारी दी, जिसके बाद ट्रेन को दुसरे लोको पायलट स्पेशल ड्यूटी में चलाते हुए चक्रधरपुर स्टेशन तक लेकर आये. बताया जा रहा है की पांशकूड़ा स्टेशन में जब सिग्नल लाल थी तो पायलट ने ट्रेन रोक दी थी. इसके बाद होम सिग्नल हरी होने के बाद ट्रेन को लोको पायलट ने आगे बढाया. इसके बाद स्टार्टर सिग्नल लाल थी जिसे लोको पायलट ध्यान नहीं दे पाए सिग्नल को ओवरशूट करते हुए और ट्रेन को आगे बढ़ा दिया. इससे ट्रेन खतरे में आ गयी. किसी तरह वायरलेस के माध्यम से लोको पायलट को सूचित किया गया कि उनके द्वारा सिग्नल ओवरशूट कर दिया गया है, बड़ा हादसा हो सकता है. इस सूचना के बाद आनन फानन में दोनों लोको पायलट ने ट्रेन रोकी. लोको पायलट के इस लापरवाही को रेलवे ने गंभीरता से लिया और दोनों को सस्प्नेद कर दिया है. वहीँ मामले की विभागीय जांच जारी है. (नीचे भी पढ़ें)
दोनों लोको पायलट से खड़गपुर में पूछताछ किया जा रहा है, जिस तरह से लोको पायलट की गलतियाँ सामने आ रही है और सिग्नल ओवरशूट के मामले बढ़ रहे हैं उससे ट्रेन परिचालन खतरे में आ गयी है. बताया यह भी जा रहा है कि लोको पायलटों पर काम का भारी दबाव है. लोको पायलट तय सीमा से ज्यादा ड्यूटी कर रहे हैं. इसके कारण रेलवे के रनिंग स्टाफ से गलतियाँ हो रही है. रेलवे को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए रनिंग कर्मचरियों का संरक्षा से जुड़ा कार्यशाला कराना चाहिए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो. मामले पर चक्रधरपुर के डीसीएम अश्वनी मिश्रा ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. उन्होंने सीनियर डीसीएम गजराज सिंह से वार्ता करने के बाद कहा कि मामला कह्दाग्पुर रेल मंडल का है इसलिए इसकी अधिकारिक जानकारी वे नहीं दे सकते.



