जमशेदपुर : प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक एवं जीवन प्रबंधन गुरु पंडित विजय शंकर मेहता ने कहा है कि राजनीति में सत्ता साधन है, साध्य नहीं. राजनीति सेवा का सबसे सशक्त माध्यम है. यदि कोई नेता सत्ता पाकर भी लोगों की सेवा नहीं कर पाता, तो वह सेवा नहीं सौदा कर रहा है. पंडित मेहता आज जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय के रांची स्थित आवास पर आयोजित एक गोष्ठी में बोल रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)
श्री मेहता जमशेदपुर में सात दिवसीय रामकथा के समापन के उपरांत 23 दिसंबर को रांची पहुंचे थे, जहां से उन्हें फ्लाइट से प्रस्थान करना था. इसी क्रम में श्री राय के आग्रह पर वे उनके सरकारी आवास पहुंचे थे जहां उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों ने पंडित जी का स्वागत किया. श्री मेहता ने इसके बाद वहां ‘राजनीति सेवा या सौदा’ विषय पर व्याख्यान दिया. इसमं उन्होंने बताया कि राजनीति सेवा का माध्यम है और सेवा-भाव सीखना हो तो हनुमान जी से बेहतर कोई गुरु नहीं होगा. उन्होंने हनुमान जी और भगवान राम के प्रसंग के माध्यम से अपनी क्षमताओं के बेहतर उपयोग तथा अपने साथ के लोगों के बेहतर साथ और समर्पण की कला सिखाई. उन्होंने इस भागदौड़ भरे जीवन में शांति पाने के उपाय भी बताये. उन्होंने राजनेताओं से कहा कि अगर वे कार्यकर्ताओं से लगाव रखेंगे तो वह हनुमान की तरह कार्य करेंगे. इस अवसर पर विधायक सी. पी सिंह, अमरप्रीत सिंह काले, अशोक गोयल, जयनंदू, आनंद कुमार, संजय सिंह, अखिलेश पांडेय, मुकेश पांडेय, अजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, अंशुल शरण, विवेकानंद झा एवं अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे.












