
Jamshedpur : रेड क्रॉस ने वंशानुगत मोतियाबिन्द से ग्रस्त एक परिवार के सदस्यों को मोतियाबिन्द से मुक्त करने का बीड़ा उठाया है. रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम ने अब तक लगभग 60 हजार मोतियाबिन्द ग्रस्त लोगों को इससे मुक्ति दिलाने में सफलता पायी है, लेकिन एक परिवार के 8 साल के बच्चे से लेकर 60 साल की वृद्ध महिला में मोतियाबिन्द का यह मामला अपने आप में अचंभित करने वाला और काफी तकलीफ से भर देने वाला था. क्योंकि वृद्ध तो इसे उम्र की बीमारी मानते हैं, लेकिन 8 साल का बच्चा भी जब इस बीमारी के कारण लाचार हो तो इसे क्या कहेंगे. रेड क्रॉस सोसाइटी के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए कहा कि हरसंभव प्रयास से अगर जरूरत हुई तो बाहर भी बच्चे के मोतियाबिन्द का इलाज करायेंगे. इस परिवार में सबसे छोटा सदस्य राजू कर्मकार जिसकी उम्र लगभग 8 साल है, उससे बड़ी उसकी बहन लगभग 11 वर्ष शिवानी कर्मकार तथा उससे बड़ा 14 साल का राकेश कर्मकार, इसमें शिवानी कर्मकार तथा राकेश कर्मकार की आंखों का ऑपरेशन सम्पन्न किया जा चुका है. राजू कर्मकार (8 वर्ष) के ऑपरेशन के लिए निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट) की सेवा लेकर उसके आंखों के मोतियाबिन्द का ऑपरेशन किया जायेगा. इस परिवार में बच्चों की दादी का ऑपरेशन भी रेड क्रॉस के शिविर में सम्पन्न हुआ है.







