
सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिला के चांडिल डैम विस्थापितों को अनुमंडल और ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय से जोड़नेवाली करकरी नदी पर बन रहे पुल से भ्रष्टाचार की बू आने लगी है. आपको बता दें कि क्षेत्र के लोगों की मांग को देखते हुए पिछली रघुवर सरकार ने क्षेत्र के लोगों को इस पुल की सौगात दी थी. वर्तमान में रघुवर दास की सरकार तो नहीं रही, लेकिन पुल का काम शुरू हो चुका है. करोड़ों की लागत से बन रहे इस पुल से ईचागढ़ और तिरिलडीह के लोगों को अनुमंडल पहुंचने में काफी सुविधा होगी. वैसे इससे पूर्व कारकीडीह में स्वर्णरेखा नदी पर बन रहे पुल का पिलर भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ चुका है.

एक बार फिर से नए पुल के रूप में क्षेत्र के लोगों को सौगात मिला जरूर है, लेकिन पुल निर्माण में घटिया सामग्रीयों के प्रयोग होने की आशंका जताई जा रही है. सोमवार को सांसद प्रतिनिधि एवं भाजपा और आजसू के नेताओं ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया. जहां इन्होंने बाल, गिट्टी और छड़ के साथ सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए ऐलान कर दिया कि अगर पुल निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग जारी रहा तो काम का विरोध किया जाएगा. वही इन्होंने निर्माण कार्य में लगे एजेंसी के कर्मचारियों से भी बात की. हालांकि एजेंसी के ठेकेदार या बड़े अधिकारी सामने नहीं आए.





