
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाना में हाजत में हुई युवक की मौत के मामले का पटाक्षेप हो गया है. सरायकेला-खरसावां डीसी अरवा राजकमल ने मृतक के परिजनों को मुआवजा की राशि प्रदान की, जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया. जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पार्वति घाट में परिजनों ने उसके शव को अंतिम संस्कार कर दिया. एक सप्ताह बाद शव को किसी तरह मुक्ति मिल सकी. पांच लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी. इसके तहत दो लाख रुपये का चेक दिया गया. दो लाख का चेक पहले ही दे दिया गया है. 50 हजार रुपये डीसी और 50 हजार रुपये भी एसपी ने दिया था. इसके अलावा यह तय किया गया कि वृद्धा पेंशन, इंदिरा आवास जैसी सारी सुविधाएं मिलेगी. इस पर आम सहमति बनी, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. बीते 2 नवंबर को सरायकेला थाना के बालमित्र कक्ष में संदिग्ध रूप से मृत पाए गए पूर्वी सिंहभूम जिला के घाटशिला प्रखंड के मुड़ाकाटी गांव निवासी नाबालिग मोहन मुर्मू के शव का सातवें दिन अंतिम संस्कार किया गया. दो नवंबर को पुलिस हिरासत में दुबई मार्डी के 17 साल के बेटे मोहन मुर्मू की मौत संदिग्ध हालत में हो गयी थी. इसके बाद से परिजन हंगामा कर रहे थे. इस दौरान लगातार छह दिनों की मशक्कत के बाद करीब एक सप्ताह के बाद अब जाकर अंतिम संस्कार हो पाया है. यह भी आश्वासन दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.







