सरायकेला : विजयादशमी के उपरांत आज शुक्रवार को एकादशी के दिन सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत राजड़ गांव में धूमधाम के साथ मां दुर्गा की परंपरागत पूजा आयोजित हुई. राजनगर प्रखंड की टिंटीडीह पंचायत अंतर्गत राजड़ गांव के निवासियों ने परंपरागत रूप में मां दुर्गा का पूजन किया. ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच आयोजित पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने झूमते-गाते हुए अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपने आस्था और विश्वास का परिचय दिया. (नीचे भी पढ़ें)

इस अनूठे अनुष्ठान को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. यह अनुष्ठान देर रात तक चला, जिसमें ग्रामीण परंपरागत रूप में पूजा से पहले तालाब से घट लाकर मां दुर्गा की विधिवत् स्थापना की जाती है. ग्रामीणों ने बताया इस गांव में मां दुर्गा के पूजन की यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे पूरी श्रद्धा के साथ हर वर्ष संपन्न किया जाता है. मान्यता है कि मां दुर्गा भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं. मन्नत पूरी होने पर लोग माता को प्रसन्न करने के लिए बकरे, हंस और मुर्गे की बलि अर्पित करते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर पूजा स्थल में पूरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा. श्रद्धालुओं ने कहा कि अंगारों पर चलना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के विश्वास और भक्ति का प्रतीक भी है. मां दुर्गा की पूजा से उन्हें आध्यात्मिक शांति और मातृ शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है. गांव में इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जो देर रात तक चला.



