
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात अब भयावह रूप लेता जा रहा है. नीमडीह प्रखंड अंतर्गत जामडीह के समीप तिल्ला गांव में बीती रात हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचाई. ग्रामीण मदन दास के घर और उनकी राशन दुकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. दुकान में रखा आटा, आलू सहित अन्य खाद्य सामग्री हाथियों ने खा ली, वहीं कंप्यूटर और वजन मशीन को भी नुकसान पहुंचाया गया. (नीचे देखे पूरी खबर)

इसी दौरान सनातन सिंह की दुकान को भी निशाना बनाकर भारी क्षति पहुंचाई गई. घटना के समय ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई. हालांकि, इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है. लोग रात तो दूर, अब दिन में भी घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं. वहीं, दलमा तराई क्षेत्र के तुलीन गांव में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. बीते रविवार रात हाथियों ने प्राथमिक विद्यालय में घुसकर मध्याह्न भोजन के लिए रखा चावल खा लिया और स्कूल परिसर में तोड़फोड़ की. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या और आजीविका पर गहरा असर पड़ रहा है. तिल्ला गांव में नुकसान के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि अनीता पारित मौके पर पहुंचीं और वन विभाग को सूचना देकर पीड़ितों को मुआवजा देने तथा हाथियों के आतंक पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. बावजूद इसके अब तक वन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है. ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक वे इस भय के साये में जीते रहेंगे और वन विभाग कब उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.



