
सरायकेला: जिले के चांडिल अनुमंडल के कांदरबेड़ा में मिथिला मोटर्स द्वारा अपने जमीन पर निर्माण कार्य कराने के दौरान जबरन स्थानीय मुखिया के पति एवं भू- माफियाओं ने जमीन को आदिवासी लैंड बताकर शुक्रवार को पुलिस- प्रशासन की मौजूदगी में तोड़ दिया गया था. हालांकि इस दौरान मिथिला मोटर्स के कर्मचारी मौजूद पदाधिकारियों से जमीन मिथिला मोटर्स की होने की दुहाई लगाते रहे, लेकिन मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ भूमाफियाओं ने मिथिला मोटर्स की एक ना सुनी और कागजात दिखाने तक काम बंद रखने की बात कही. इधर आज मिथिला मोटर्स के वाइस प्रेसिडेंट फाइनेंस एसडी शर्मा एवं एचआर मैनेजर मदन कुमार जमीन से संबंधित दस्तावेज चांडिल एसडीओ कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने एसडीओ को कागजात दिखाया वहीं एसडीओ ने कागजात देखने के बाद निर्माण कार्य जारी रखने का आदेश दिया साथ ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने की नसीहत भी दी उधर एसडीओ से अनुमति मिलने के बाद मिथिला मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पदाधिकारीयों ने शुक्रवार को मिथिला मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दिवार तोड़ने, घेरकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए आज चांडिल थाना में मंजीत हेम्ब्रम, सोनू टुडू, ठाकुर दास माझी, बबलु उरांव, उपासी उरांव और मुखिया पति बिदु मुर्मू के खिलाफ शिकयत दर्ज कराया. इस सबंध में कंपनी के अलख कुमार चैधरी व पंकज सरकार ने थाना में शिकायत करने के बाद कहा कि उक्त जमीन रैयती है और मिथिला मोटर्स की संपत्ति है. जिसपर जबरन कुछ लोग राजनीति कर मामले को गलत रुप देने में लगे हुए है. उन्होने इसके लिए चांडिल अंचलाधिकारी को दोषी ठहराते हुए कहा कि, चांडिल सीओ की अनदेखी के कारण ये सब हो रहा है. इन्होंने बताया कि पिछले साल अक्टूबर माह में चांडिल के सीओ को जमीन मापी कराने का आवेदन दिया गया था. बावजूद इसके जमीन की मापी नहीं कराई गई. वहीं इन्होंने बताया कि चांडिल थाना थाना प्रभारी ने भी 18 अक्टुबर 2019 को लिखित रुप से सीओ को आवेदन देकर जमीन मापी एंव सत्यापित कराने को कहा था. उसके बाद भी जमीन की मापी सीओ द्वारा नहीं कराया गया था. फिलहाल चांडिल एसडीओ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य जारी रखने का निर्देश दे दिया है.






