सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिले के कुचाई में झारखंड सरकार द्वारा संचालित आश्रम आवासीय विद्यालय को बंद करने का फरमान सुनाये जाने से वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य असुरक्षित होता दिखाई देने लगा है. स्कूल के कई विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बुधवार को डीसी ऑफिस पहुंच कर उपायुक्त की अनुपस्थिति में डीडीसी को इस संबंध में एक पत्र सौंपते हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाने का आग्रह किया. (नीचे भी पढ़ें)

बताते चलें कि कुचाई में झारखंड सरकार की ओर से आसरा संस्था द्वारा संचालिय आश्रम आवासीय विद्यालय के बारे में डीसी ऑफिस पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि दो दिन पूर्व उन्हें अपने बच्चों से पता चला कि उनका विद्यालय अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा रहा है. स्कूल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि स्कूल अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा रहा है, क्योंकि विद्यालय का संचालन करने वाली संस्था आसरा द्वारा बीते 14 अप्रैल को पत्र के माध्यम से निर्देश प्राप्त हुआ है कि अब तक बिना एकरारनामे के ही उक्त स्कूल का संचालन होता आ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
इसे नियम संगत नहीं होने की बात कहते हुए आगामी 20 अप्रैल से अगले आदेश तक स्कूल बंद करने का निर्देश जारी हुआ है. उधर स्कूल का संचालन करने वाली संस्था से बात करने पर पता चला कि विभाग एकरारनामा बनाने में कोई रुचि नहीं ले रहा है. विगत दो वर्षों से विद्यालय के संचालन के लिए सरकार से एक भी पैसा नहीं मिला है, एवं विद्यालय संचालन के लिए भी कोई फंड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. इसीलिए वे आगे स्कूल चलाने में असमर्थ हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अभिभावकों ने इस हालत में बच्चों के पठन-पाठन पर बुरा प्रभावित होने की शिकायत की एवं उनसे इस मामले मे गंभीरता से विचार करते पुए कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि स्कूल में अध्यनरत छात्रों का पठन- पाठन एवं भविष्य सुरक्षित हो सके. हालांकि उपायुक्त की अनुपस्थिति में अभिभावक डीडीसी प्रवीण कुमार गगराई के पास छात्र पहुंचे. डीडीसी ने डीसी से बात कर उन्हें पूरी जानकारी दी. (नीचे भी पढ़ें)
डीसी ने इस संबंध में मंत्री चंपई सोरेन से बात करने को कहते हुए स्कूल को पुनः सुचारू रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया. डीडीसी ने बच्चों को फिलहाल घर लौटने की सलाह दी. बच्चों ने बताया कि विगत दो-तीन माह से स्कूल में उन्हें न ढंग का खाना मिलता है और न ही नाश्ता. अब देखना है कि जिला प्रशासन एवं सरकार इन बच्चों के भविष्य को लेकर किस तरह की दिलचस्पी लेते हैं.



