घाटशिला : मांझी परगना महाल के प्रखंड अध्यक्ष सह देश विचारक सचिव बहादुर सोरेन के साथ बीते दिनों में मऊभंडार ओपी के एसआइ अनिल कुमार के द्वारा किये गये दुर्व्यवहार एवं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करने व कॉलर पकड़कर जान से मारने की धमकी देते हुए ओपी परिसर से धक्का देकर निकाले जाने के खिलाफ सोमवार को परगना महाल ने बिगुल फूंक दिया है. (नीचे भी पढ़ें)

संगठन के दर्जनों सदस्यों ने कुतलूडीह जाहेरगाड़ से मऊभंडार ओपी परिसर तक पदयात्रा निकाली एवं मऊभंडार ओपी के मुख्य द्वार के समीप एसआइ के खिलाफ प्रदर्शन किया. महाल के लोगों ने ओपी के एसआइ के खिलाफ आवाज उठाते हुए हमारे गांव में हमारा राज, पुलिस प्रशासन हाय हाय, जल-जंगल-जमीन हमारा है, एएसआइ अनिल कुमार को निलंबित करो, मांझी बाबा जिंदाबाद व अनेक नारे लगाये, साथ ही महाल के देश विचारक सचिव बहादुर सोरेन के समर्थन में विभिन्न गांव के प्रधानों ने मऊभंडार ओपी प्रभारी को एक मांग पत्र सौंपा. (नीचे भी पढ़ें)
इस संबंध में पत्रकारों से बात करते हुए बहादुर सोरेन ने कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन के द्वारा एसआइ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक मांझी परगना महाल एवं ग्राम प्रधानों का यह आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि 15 दिन की मोहलत देते हुए वरीय पुलिस अधिक्षक को कार्रवाई करने की मांग की गई थी, किन्तु 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कर्रवाई नहीं होने पर यह पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि यह काफी निंदनीय है कि महाल के एक जिम्मेदार व्यक्ति के साथ एक पुलिस अधिकारी ने दुर्व्यवहार किया, जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.(नीचे भी पढ़ें)
इस संबंध में मऊभंडार ओपी प्रभारी रोहित कुमार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से कहा कि वरीय पदाधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है. मौके पर सुधीर कुमार सोरेन, दला हेंब्रम, बायला मार्डी, सुराई मुर्मू, छुट्टू सिंह, बादल चौधरी, रामधन सोरेन, दाशरथी मार्डी, मनश हेम्ब्रम, लक्ष्मण मार्डी, राम चंद्र मुर्मू, किशुन मुर्मू, बबलू सोरेन, रामदास सोरेन, जोड़े मार्डी, रानीसरीन, छीता सोरेन समेत काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.



