
सरायकेला : राज्य की वर्तमान हेमन्त सोरेन सरकार लाख दावा कर ले कि राज्य में गरीबों की सरकार है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में घोटालेबाजों ने गरीबों को भी नहीं बख्शा और 75.89 लाख रुपए का कंबल घोटाला कर दिया. गरीबों को ठंड से बचाने के लिए सरकार हर जिले में कंबल बांट रही है. इसे अवसर बनाकर घोटालेबाज कमाई करने में लगे हैं. वजन की हेराफेरी कर गरीबों को राहत के नाम पर धोखा दिया जा रहा है. सरायकेला- खरसावां जिले में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने 287 रुपए की दर से 26445 कंबल खरीदे हैं. लातेहार के बालुमाथ की एजेंसी कमल एजेंसी ने जिले में कंबल की आपूर्ति की है. गरीबों को बांटे जा रहे कंबल का वजन 250 ग्राम कम है. आकार भी 16 इंच कम है. सरायकेला समेत अलग-अलग जगहों पर कंबलों का वजन कराया गया सभी जगहों पर करीब 1 किलो 700 ग्राम वजन पाया गया, जबकि धोने के बाद 1 किलो 400 ग्राम ही रह गया. वैसे उपायुक्त इकबाल आलम अंसारी ने जिले सभी बीडीओ को सख्त निर्देश दिया था कि एजेंसी से कंबल रिसीव करने से पहले धुलवाकर वजन कराएं, धुलाई के बाद भी कंबल एक किलो 800 ग्राम होना चाहिए, लेकिन कंबल का वजन किसी बीडीओ ने नही किया. बिना वजन के कंबल रिसीव कर लिया और घटिया कंबल बंटवा भी दिया. (नीचे भी पढ़ें)
आपको बता दें कि जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने 287 रुपये की दर से 26 हजार 445 कंबल कमल स्टोर बालूमाथ लातेहार से खरीदे हैं. तय शर्त के अनुसार एक कंबल का वजन दो किलो होना चाहिए. वही लंबाई 90 और चौड़ाई 60 इंच होना चाहिए. लेकिन कंपनी ने 1 किलो 700 ग्राम वजन के कंबल की आपूर्ति कर दी. जिसकी लंबाई 80 और चौड़ाई 55 इंच है. इसके मद्देनजर माना जा रहा है कि इसमें अफसरों की संलिप्तता है. वहीं उपायुक्त इकबाल आलम अंसरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश देते हुए साफ कर दिया है कि दोषी पाए जाने पर आपूर्ति करने वाली एजेंसी व अफसर पर केस दर्ज कराया जाएगा. और कड़ी कारर्वाई की जाएगी.





