नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट असम के सीएम हिमंता विश्वा सरमा के विवादित वीडियो से संबंधित मामला सुनने को राजी हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआई(एम) व सीपीआई के नेताओं द्वारा दायर याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की हाभी भरी है. इस विवादित वीडियो में हिमंता मुस्लिम लोगों की ओर राइफल ताने हुए नजर आ रहे है. इस वीडियो के आधार पर वामपंथी नेताओं ने हिमंता के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है. सीनियर वकील निजाम पाशा ने मंगलवार को अपनी याचिका सीजेआई सूर्यकांतके सामने मेंशन की. उन्होंने असम के सीएम के हलिया भाषण व विवादित वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई. साथ ही निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी. लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताते हुए कहा, कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख तक करेगा. (नीचे भी पढ़े)
मामला यह है कि 8 जनवरी को कांग्रेस ने दावा किया है कि असम भाजपा ने एक्स हैंडल से एक वीडियों पोस्ट किया गया था, जिसमें असम सीएम सरमा मुसलमानों की ओर फायरिंग करते नजर आ रहे है. कांग्रेस ने कहा कि वीडियो डिलीट कर दिया गया है. कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी एक्स पर वीडियो शेयक किया है. इसमें हिमंत विस्वा सरमा कथित तौर पर एक राइफल से दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिख रहे है. निशाने में दिख रही तस्वीर में एक ने टोपी पहनी है. और दूसरे की दाढ़ी है. वीडियो में असम भाजपा का एक्स अकाउंट नजर आ रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा यही है है असली भाजपा, सामूहिक हत्यारे. उन्होंने पूछा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर कहा कि यह नरसंहार का आह्रान करने अलावा और कुछ नहीं है. एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से पाले हुए है. उन्होंने लोगों से मिया समुदाय को परेशान करने की अपील भी की थी. कहा था कि जब तक मिया समुदाय परेशानी नहीं होगी,वे असम नहीं छोड़ने वाले नहीं है.







