नयी दिल्ली/ रांची: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम व उनके आप्त सचिव संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज कर दी. साथ ही साथ अदालत ने इस ममले में चार सप्ताह के अंदर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच करने का भी आदेश दिया है. न्यायालय ने इसके बाद मामले की सुनवाई की तिथि निर्धारित करने का निर्देश दिया. आलमगीर व संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एमएम सुंदरेश व न्यायाधीश एन कोटेश्वर सिंह की पीठ में सुनवाई हुई.(नीचे भी पढ़े)
ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशन व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तत्कालीन मंत्री व उनके आप्त सचिव मई 2024 से जेल में है.आलमगीर की ओर से कहा गया कि वह 76 वर्ष है, करीब दो साल से जेल में है. सुनवाई में कोई प्रगति नहीं है. सरकार ने मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति भी नहीं दी है. मामले में गवाहों की जांच भी नहीं हुई है. इडी ने मामले में तीन और पूरक आरोप पत्र दायर किया है. सभी की एक साथ सुनवाई होगी. इसमें कितन समय लगेगा पता नहीं, इसलिए अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए.



