नयी दिल्ली/रांची: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय खन्ना की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है. जिसमें त्योहारों के दौरान बिजली काटे जाने पर रोक लगाई गई थी. शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने जेबीवीएनएल के एमडी को यह अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया है कि कम समय के लिए बिजली काटी जाएगी और अस्पताल एवं अन्य जरुरी सेवा वाली संस्थाओं को बिजली आपूर्ति की जाएगी. अब अदालत इस मामले में आठ अप्रैल को सुनवाई करेगा.दरअसल गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में त्योहारों में निकाले जाने वाले जुलूस के कारण दस-दस घंटे बिजली काटे जाने पर स्वत: सज्ञान लिया था. (नीचे भी पढ़े)
अदालत ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और बिजली विभाग को यह बताने को कहा था कि किस नियम के तहत जुलूस निकाले जाने पर दस–दस घंटे बिजली काटी जा रही है. क्योंकि बिजली काटे जाने के बाद आमलोगों को जो परेशानी होती है. सरहुल और रामनवमी के दिन निकाले जाने वाली शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए बिजली काट दी जाती है. सभी मार्ग के जुलूस जब लौट जाते हैं, तब बिजली की आपूर्ति की जाती है. एक अप्रैल को सरहुल की शोभायात्रा के लिए दस घंटे से अधिक बिजली काटी गयी थी. छह अप्रैल को रामनवमी जुलूस के दौरान भी बिजली काटे जाने की घोषणा की गयी है. गुरुवार के हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. राज्य सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बहस की.



