
जमशेदपुर : देश की सबसे बड़े औद्योगिक और व्यवसायिक घराना टाटा समूह के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन को फिर से एक्सटेंशन दे दिया गया है. सारे अटकलों को दरकिनार करते हुए एन चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए टाटा संस बोर्ड के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया गया है. शुक्रवार को हुई टाटा संस के बोर्ड की बैठक में उनको फिर से टाटा संस का मुखिया बनाने को मंजूरी दी गयी. यह मीटिंग मुंबई में हुी, जिसमें टाटा संस के एमिरट्स चेयरमैन रतन टाटा भी अतिथि के तौर पर मौजूद थे. रतन टाटा ने एन चंद्रशेखरन के कार्यों की सराहना की और उन्होंने ही सबसे पहले उनको पांच साल के लिए एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव दिया, इसका बोर्ड के सारे लोगों ने समर्थन किया और फिर से एन चंद्रशेखरन को देश के सबसे बड़े समूह का चेयरमैन बनाने की मंजूरी दे दी गयी. अपने फिर से चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति होने पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस जैसे गरिमामय समूह का पांच साल तक नेतृत्व कर हम काफी गौरांवित महसूस करते हैं. पांच साल का एक्सटेंशन मिलने से वे और बेहतर सेवा दे सकेंगे. टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर रतन टाटा ने सायरस मिस्त्री को हटाने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एमडी रहे एन चंद्रशेखरन को पांच साल के लिए चेयरमैन नियुक्त कर दिया था. उनके पांच साल का कार्यकाल इस साल समाप्त हो जाता, जिसके बाद उनको चेयरमैन के बतौर फिर से पांच साल तक के लिए एक्सटेंशन दे दिया गया है.
टाटा समूह का यह है इतिहास
जमशेदजी टाटा द्वारा 1868 में स्थापित, टाटा समूह एक वैश्विक उद्यम है, जिसका मुख्यालय भारत में है, जिसमें दस दिशा में काम करने वाली 30 कंपनियां छह महाद्वीप के करीब 100 देशों में यह कंपनी का कारोबार का विस्तार है.
‘लंबी अवधि के हितधारक मूल्य निर्माण के माध्यम से कंपनी वैश्विक स्तर पर सेवा करने वाले समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए’ काम करती है. टाटा संस प्रमुख निवेश होल्डिंग कंपनी और टाटा कंपनियों की प्रमोटर है. 66 प्रतिशत टाटा संस की इक्विटी शेयर पूंजी परोपकारी ट्रस्टों के पास है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका का काम करते है. इसके अलावा कला और संस्कृति के लिए भी काम करते है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में, टाटा समूह की कंपनियों का कुल राजस्व 103 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपये के अनुसार 7.7 ट्रिलियन था. ये कंपनियां सामूहिक रूप से 800,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है. प्रत्येक टाटा कंपनी या उद्यम के तहत स्वतंत्र रूप से संचालित होता है. अपने स्वयं के निदेशक मंडल का मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण के तहत सारी कंपनियां चलती है. 31 दिसंबर 2021 तक टाटा समूह का बाजार 23.4 ट्रिलियन भारतीय रुपये का पूंजीकरण है, जो 314 बिलियन डॉलर कहा जाता है. टाटा समूह में वर्तमान में कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाइटन, टाटा कैपिटल, टाटा पावर, टाटा कम्यूनिकेशंस, इंडियन होटल्स, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां है.





