
जमशेदपुर : एनसीएलटी के कोलकाता बेंच में गम्हरिया के बंद हो चुके टायो रोल्स मामले में मजदूरों की प्रोविडेंट फंड (पीएफ) को लेकर दायर की गयी याचिका पर जज राजशेखर और बलराज जोशी की बेंच ने फैसला सुनाया और टायो रोल्स के मजदूरों को उनके पीएफ का पैसा तुरंत भुगतान करने का निर्देश दिया. बेंच ने टाटा की ट्रस्टीज को निर्देश दिया कि ट्रस्टीज यह ध्यान रखें कि मजदूरों के पीएफ के भुगतान में कोई देरी न हो क्योंकि मजदूरों को पिछले अक्तूबर 2016 से आजतक कोई वेतन नहीं मिला है. ज्ञातव्य है कि टाटा योदोगावा (टायो) भविष्य निधि ट्रस्ट (पीएफ ट्रस्ट) द्वारा गैरकानूनी तरीके से कर्मचारी भविष्य निधि का भुगतान न्याय निर्णायक प्राधिकारी (एडजुकेटिंग ऑथोरिटी) , कोलकाता एनसीएलटी के 5 अप्रैल 2019 के अधिस्थगन आदेश (मोराटोरियम) और टायो रोल्स लिमिटेड के निदेशक मंडल के निलंबन के बाद भी नहीं किया गया है, जो पीएफ और आईबीसी के प्रावधानों के खिलाफ है और आईपीसी की धारा 405 के तहत आपराधिक मामला है. इसको लेकर मजदूरों के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव और आकाश शर्मा ने पिछली सुनवाई में इंतजार करते हुए कहा था कि ट्रस्ट में पड़े राशि को कामगारों को देने के लिए न्यायनिर्णायक प्राधिकारी (एडजुकेटिंग ऑथोरिटी), कोलकाता एनसीएलटी टायो रोल्स लिमिटेड के निलंबित निदेशक मंडल को निर्देश जारी करे. इसके पश्चात निलंबित निदेशक मंडल के सदस्य और पूर्व एमडी शंकर मरार के आवेदन याचिका जिसमें शंकर मरार ने कहा था कि बैंक को मोराटोरियम आदेश के पश्चात बैंक गारंटी इनवोक होने के पश्चात भी बैंक गारंटी के लिए दी गयी मार्जिन मनी का स्वायत्तिकरण करने का अधिकार नहीं है, को निरस्त करते हुए कहा कि अगर ऐसा किया जाये तो इस देश की बैंकिंग व्यवस्था ठप्प हो जायेगी. बेंच ने टायो रोल्स के निलंबित निदेशक मंडल और रिजोल्यूशन प्रोफेशनल अनीस अग्रवाल के दुर्भावनापूर्ण आचरणों पर गंभीर टिप्पणी भी की. ज्ञातव्य है कि मजदूरों के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने उसका विरोध करते हुए बेंच को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी कोऑपरेटिव फेडेरेशन लिमिटेड बनाम सिंह कन्सल्टेंट्स और इंजीनियर्स प्राईवेट लिमिटेड, 1988 में यह व्यवस्था दी है कि बैंक गारंटी को रोकने का अधिकार बैंकों को नहीं है जब तक कोई धोखाधड़ी और या अपूरणीय क्षति का दावा नहीं किया जाये. बेंच को यह भी बताया गया कि आबीसी की धाराएं 3(31) और 14 (3) के द्वारा बैंक गारंटी को मोराटोरियम से बाहर भी रखा गया है.



