
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के कांवाई चालकों के मौलिक अधिकारों के समाधान पर रांची नेपाल हाउस में झारखंड सरकार के प्रधान सचिव श्रमायुक्त द्वारा बैठक कर टाटा मोटर्स टीटीसीए, 11 ट्रांसपोर्ट, ऑल इंडिया इंटक यूनियन एवं ज्ञान सागर प्रसाद को मुख्यवादी बनाया है. इस संबंध में कांवाई नेता ज्ञान सागर प्रसाद ने बताया कि झारखंड के राज्यपाल के आदेश से कांवाई चालकों की मांगों पर 11 सितंबर को अधिसूचना जारी कर राज्य सरकार द्वारा गठित औद्योगिक न्यायाधिकरण रांची को न्याय निर्णय निर्देश दिया है. ज्ञान सागर प्रसाद के साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए झारखंड सरकार द्वारा टाटा मोटर्स एवं कांवाई चालकों के बीच नियोक्ता एवं नियोजित को मुख्य विवाद में रखते हुए ट्रांसपोर्टर्स, टीटीसीए एवं अवैध यूनियन को टाटा मोटर्स का हिस्सा माना. कांवाई चालकों के कार्य को 24 घंटे की मंजूरी दे, वेतन क्या होना नही चाहिए ? सवाल न्यायालय के संज्ञान में लाया गया. ज्ञान सागर ने बताया कि लगातार तीन वर्षों के कठिन आंदोलन के परिणाम स्वरूप झारखंड सरकार को कांवाई चालकों के संदर्भ में अपना निर्णय करना पड़ा. उन्होंने कहा कि इससे कांवाई चालकों के मांगों पर न्याय हो सकेगा.


