
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के लिए सफाई का काम करने वाले जुस्को के कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 10वें दिन भी जारी रही. हड़ताल पर बैठे सिविल मेंटेनेंस कामगारों से वार्ता करने गुरुवार को भी जुस्को के कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचा. ध्यान रहे कि जुस्को एवं टाटा मोटर्स पदाधिकारियों एवं मजदूर प्रतिनिधियों के संग त्रिपक्षीय वार्ता 4 दिन पहले संपन्न हुआ था जिसमे जुस्को के पदाधिकारियों ने अपने वरीय पदाधिकारियों संग वार्ता कर सारी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था. लेकिन आज 4 दिन बीत जाने के बावजूद जुस्को के तरफ से किसी तरह का पहल नहीं किया गया. इसको लेकर सारे कामगारों में आक्रोश व्याप्त है और कामगारों का धैर्य जवाब दे रहा है. आज इनके बैठक को संबोधित करते हुए हड़ताल के नेतृत्वकर्ता वरीय कांग्रेसी नेता आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि जुस्को के दमनकारी एवं शोषणकारी नीतियों के कारण आज पिछले 10 दिनों से सिविल मेंटेनेंस कर्मियों का हड़ताल जारी है. क्या कारण है कि मजदूरों के द्वारा लगातार मजदूर विरोधी कार्यो एवं मजदूर अधिनियम के जुस्को के ठेकेदारों के द्वारा उल्लंघन किए जाने की सूचना दिए जाने के बावजूद किसी तरह का कोई कार्रवाई नहीं किया गया जबकि जुस्को में इन सारी चीजों के देखभाल के लिए कांट्रेक्टर सेल बना है जो की मजदूरों के सही भुगतानों का सर्टिफिकेशन करता है संग हीं टाटा मोटर्स के प्रिंसिपल एंपलॉयर होने की हैसियत से उनके कांटेक्ट्रर सेल को भी इन सारी चीजों का ध्यान रखना चाहिए था. अफसोस की बात है कि ना तो जुस्को के पदाधिकारियों ने कुछ किया और ना ही टाटा मोटर्स के लोगों द्वारा टाटा मोटर्स यह कहकर अपना पिंड छुड़ा रही है कि हम लोगों को पहले से इसकी जानकारी ही नहीं थी जबकि प्रिंसिपल एंपलॉयर को उनके ठेकेदार के द्वारा ठेका कर्मियों के सही मानदेय दिलवाने एवं मजदूर अधिनियम के पालन करवाने का दायित्व है. पिछले 30 से 35 वर्षों से कार्य कर रहे मजदूरों को बीना सेटलमेंट / फाइनल मानदेय दिए उम्र की दुहाई देकर काम से बैठाया जा रहा है और पहले तो जुस्को के द्वारा झूठा भ्रम फैलाया गया कि हमने सबको फाइनल दिया है. लेकिन श्री दुबे द्वारा दस्तावेजों की मांग करने पर जुस्को ने कह दिया कि हम तो पिछले 5 वर्ष से ही कार्यरत है. श्री दुबे द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या आपने पिछले 5 साल का हीं फाइनल किसी मजदूर को दिया. इसका जवाब भी उनके पास नहीं था. ज्ञात हो कि पिछले 35 – 40 वर्षों में सिविल मेंटेनेंस के कार्य में ठेकेदार तो कई बदले गए लेकिन ठेका मजदूर यही है जिनको एआरसी ठेका मजदूर के नाम से जाना जाता है. टाटा मोटर्स ने जब इन्हीं के तर्ज पर कार्यरत एआरसी मजदूरों को इन साइड में कार्य कर रहे हैं. एआरसी मजदूरों को सारा सेटलमेंट दिया और कानूनन भी इनको भुगतान होना चाहिए, फिर बिना टाटा मोटर्स के अनुमति के कैसे जुस्को इन ठेका मजदूरों को बिना सेटलमेंट के कार्य से बैठा सकती है. इन सारी बातों पर सहमति नहीं हो पाने के स्थिति में हड़ताल निरंतर जारी है. आज मजदूरों ने निर्णय लिया कि आने वाले दो-तीन दिनों में यदि जुस्को के द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया तो यह सारे ठेका मजदूर जो यहां बैठे हैं आगे से जुस्को मुख्यालय के मेन गेट पर फैसला होने तक हड़ताल पर बैठेंगे. कार्यक्रम में मुख्य रुप से सामंतों कुमार, अतुल गुप्ता, संजय घोष, मनोज कांत भट्ट, सुशील घोष, धीरज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता , सारे मजदूर एवं ठेका कंपनियों में कार्यरत सारे सुपरवाइजर मौजूद थे .






