जमशेदपुर : टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरइएल), जो भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है और द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की सहायक कंपनी है, ने अब तक 10 गीगावाट इपीसी परियोजनाएं कमीशन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इससे कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी स्थिति और मजबूत हुई है. टीपीआरइएल द्वारा अब तक कमीशन की गई 10 गीगावाट इपीसी परियोजनाओं में 9.7 गीगावाट सौर परियोजनाएं और 290 मेगावाट पवन परियोजनाएं शामिल हैं. इनमें 4.2 गीगावाट इन-हाउस परियोजनाएं और 5.8 गीगावाट थर्ड-पार्टी परियोजनाएं शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
वित्तीय वर्ष 2025-2026 के पहले 9 महीनों में टीपीआरइएल ने 1.88 गीगावाट इपीसी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कमीशन की है, जो वित्तीय वर्ष 2024-2025 की समान अवधि की तुलना में 33 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है. ये उपलब्धियां कंपनी की बेहतरीन निष्पादन क्षमता, सुदृढ़ परियोजना प्रबंधन तथा गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं. कुल 1.88 गीगावाट में से 1329 मेगावाट सौर परियोजनाएं थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए तथा 546 मेगावाट इन-हाउस परियोजनाएं (187 मेगावाट पवन और 359 मेगावाट सौर) के रूप में पूरी की गईं. (नीचे भी पढ़ें)
ये परियोजनाएं पांच राज्यों में विभिन्न स्थानों पर कठिन मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद सफलतापूर्वक निष्पादित की गईं. वित्तीय वर्ष 2025-2026 के तीसरे तिमाही के दौरान टीपीआरइएल ने 941 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं पूरी कीं, जो कंपनी की अब तक की सबसे अधिक तिमाही वृद्धि है और वित्तीय वर्ष 2024-2025 के तीसरे तिमाही की तुलना में 139 फीसदी अधिक है. इस तिमाही में कमीशन की गई प्रमुख परियोजनाओं में बीकानेर, राजस्थान में एनएचपीसी, एनएलसी और एसजेवीएनएल के लिए डीसीआर अनुपालन सौर परियोजनाएं तथा करूर, तमिलनाडु में 187 मेगावाट की पवन परियोजना शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्नत इंजीनियरिंग प्रथाओं के माध्यम से टीपीआरइएल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया है. मजबूत सप्लाई चेन, चुस्त निष्पादन मॉडल और सशक्त वेंडर साझेदारियां कुशल परियोजना डिलीवरी और लागत अनुकूलन सुनिश्चित करती हैं. टीपीआरइएल की कुल यूटिलिटी-स्केल परिचालन क्षमता अब 6.0 गीगावाट हो गई है, जिसमें 4.8 गीगावाट सौर और 1.2 गीगावाट पवन ऊर्जा शामिल है. कंपनी वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान अपनी स्वामित्व वाली 0.75 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता कमीशन करने की योजना बना रही है.



