रांची : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन झारखंड के दौरे पर पहुंचे. उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. उनके साथ टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन, वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के साथ बातचीत हुई. करीब दो घंटे की यह मुलाकात में काफी विकास की योजनाओं पर बातचीत की. इसके अलावा नये निवेश का भी फैसला लिया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि टाटा समूह झारखंड से निकलकर पूरे दुनिया में अब फैल चुका है और एक अलग स्थान यह समूह रखता है. टाटा समूह यहां कई सारे संस्थानों का संचालन करती है. (नीचे भी पढ़ें)

झारखंड से टाटा समूह ने अपना व्यवसाय शुरू किया. अभी यह निरंतर आगे बढ़ रहा है. हमारे साथ आगे बढ़े, इसके लिए यह अनौपचारिक मुलाकात हुई है. अपने संबोधन में यहां टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों के साथ काफी बेहतर बातचीत हुई है. बैठक हुई है. यह गौरव का क्षण है. दो घंटे की यह मुलाकात हुई है. कई सारे मुद्दों पर बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि टाटा समूह की शुरुआत झारखंड से हुई है. यहां से दुनिया में टाटा समूह काम कर रही है. यहां पर टाटा स्टील जैसी बड़ी स्टील कंपनी है, टाटा मोटर्स है, ऑटो कंपोनेंट से जुड़ी कंपनियां है. टाटा समूह झारखंड के विकास में पार्टनर के रुप में काम करना चाहती है. इसके लिए बातचीत हुई है. झारखंड का सर्वांगीण विकास में टाटा समूह पार्टनर बनेगा. यहां होटल खोलना हम लोग चाहते है, जिसकी शुरुआत रांची से होगी, जिसके बाद अन्य लोकेशन में होगा. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, स्किल डेवलपमेंट की दिशा में भी हम लोग काम करेंगे. कई सारे प्लान मुख्यमंत्री ने बताये है, जिसको लेकर हम लोग काम करेंगे. उन्होंने कहा कि सामाजिक दायित्वों के निर्वह्न (सीएसआर) के तहत कई सारे काम किये जा रहे है. टाटा स्टील के माध्यम से सीएसआर के काम हो रहे है. अब आने वाले दिनों में टाटा समूह भी इस दिशा में काम करेगी. टाटा समूह यहां जमशेदपुर में टाटा स्टील के माध्यम से 11 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है. डाउनस्ट्रीम को विकसित किया जायेगा जबकि हिसारना टेक्नॉलॉजी के जरिये टाटा स्टील कम कार्बन उत्सर्जन करते हुए स्टील बनाने का तकनीक विकसित करेगी, जिस पर निवेश होने वाला है. वहीं, टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में ही हाइड्रोजन ट्र्क बनाने काकाम चल रहा है. यह काफी महत्वपूर्ण निवेश होगा, जिसके जरिये यहां से देश को एक नयी ऊर्जा के माध्यम से ट्रक के संचालन के काम को विकसित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह से आग्रह किया है कि यहां नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज को लगाया जाये. इसको लेकर हम लोग विचार करेंगे और जल्द ही एक छोटी कमेटी बनायेंगे, जिसमें टाटा समूह के एक्सपर्ट होंगे जबकि झारखंड सरकार के अधिकारी भी होंगे, जिसके माध्यम से इसकी संभावनाओं को तलाशा जायेगा ताकि झारखंड का विकास हो सके और इसके जरिये सबका भला हो सके.







