
जमशेदपुर : देश की सबसे बड़ी कंपनी समूह टाटा समूह की निवेशक होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड में बड़े बदलाव होने वाले है. उसके कई पद खाली होने वाले है, जिसको भरने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत रतन टाटा के भाई नोएल टाटा को जगह दी जा रही है. नोएल टाटा अभी टाटा समूह की कई सारी कंपनियों को संभाल रहे है. सर रतन टाटा ट्रस्ट के साथ ही नोएल टाटा एक ट्रस्टी के तौर पर वर्ष 2019 से जुड़े हुए है. सूत्रों ने कहा कि वे टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल किये जा सकते है. नोएल टाटा अभी ट्रेंट (वेस्टसाइड) और टाटा इंवेस्टमेंट कारपोरेशन के चेयरमैन के साथ ही टाटा इंटरनेश के एमडी और टाइटन कंपनी के वाइस चेयरमैन के पद को संभाल रहे है. इसके अलावा सिटी इंडिया के पूर्व सीइओ प्रमित झावेरी को भी जगह दी जा रही है. टाटा संस के नये बदलावों के तहत बोर्ड की सदस्य फरीदा खंबाटा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनको टाटा स्टील और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज दोनों के बोर्ड में शामिल हो सकती है, जिस पर टाटा समूह विचार कर रही है. वैसे इस मामले में टाटा संसस की ओर से कहा गया है कि अभी वे लोग कुछ बताने की स्थिति में नहीं है और खुद टाटा स्टील और टीसीएस भी इस मामले में चुप ही है. प्रमित झावेरी पिछले साल ही टाटा ट्रस्ट में एक ट्रस्टी के तौर पर शामिल हुए है. ट्रस्ट द्वारा उनको टाटा संस के बोर्ड में अपना स्थान देना चाहता है. टाटा संस के बोर्ड के कुछ सदस्य जल्द ही रिटायर होने वाले है. वैसे श्री झावेरी को बुटिक इंवेस्टमेंट बैंक पीजेटी पार्टनर का सीनियर एडवाइजर भी नियुक्त किया गया था. ये सारे फैसले जून के अंत या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक हो सकता है. टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में एन चंद्रशेखरन चेयररमैन, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में फरिदा खंबाटा, वेणु श्रीनिवासन, अजय पिरामल, डॉ राल्फ स्पेथ, भाष्कर भट, हरीश मनवानी शामिल है.
टाटा समूह के लीगल हेड ने दिया इस्तीफा
टाटा समूह के लीगल हेड शुवा मंडल ने इस्तीफा दे दिया था. करीब दो दिन प हले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. टाटा संस के लीगल डिवीजन की जिम्मेदारी वे संभाल रहे थे और सायरस मिस्त्री के साथ उत्पन्न हुए विवाद में उनकी भूमिका काफी अहम रही है.




