
जमशेदपुर : टाटा स्टील को भारत का सबसे बेहतर काम करने लायक कंपनी माना गया है. लगातार पांचवीं बार यह सम्मान टाटा स्टील को मिला है. ग्रेड प्लेस टू वर्क संस्था की ओर से इसको भारत के मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में बेस्ट वर्कप्लेस टाटा स्टील को माना है. कंपनी की ओर से अपने विश्वास, अपनी मजबूती, अपने विकास और कर्मचारियों के प्रति उनके उत्तरदायित्व को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है. ग्रेट प्लेस टू वर्क विश्व में वर्क कल्चर का अध्ययन करने वाली बड़ी संस्था है, जो करीब तीन दशकों से इस क्षेत्र में काम कर रही है. 60 देशों के करीब 10 हजार से ज्यादा संस्था इससे जुड़ी हुई है. ग्रेट प्लेस टू वर्क रजिस्टर्ड संस्था है, जो असेसमेंट, प्लानिंग और बेंचमार्किंग का काम करती है. इस साल 132 संस्थानों ने मैनुफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अपना आवेदन दिया था, जिसके तहत 3 लाख 83 हजार 583 कर्मचारियों के बीच इसका स्टडी किया गया था. कई तरह की जांच के बाद टॉप 30 में से सबसे ऊच्च स्थान टाटा स्टील को दिया गया, जिसको बेहतर वर्कप्लेस माना गया. हाल के दिनों में टाटा स्टील द्वारा कई तरह की नीतियां, कई तरह के पहलकदमी की गयी है और कई तरह के नये प्रैक्टिस शुरू किये गये, जिससे कर्मचारियों की नौकरी स्थायित्व के साथ ही बेहतर भी हो सके. एक बेहतर काम का माहौल देने की कई सारी कोशिशें की गयी है. ट्रांसजेंडर को कई मौके दिये गये जबकि महिलाओं को भी नौकरियों में लाया गया. एजाइल वर्किंग मॉडल यानी परिस्थिति के मुताबिक, काम करने की स्वतंत्रता देने के साथ ही लैंगिक अनुपात को दुरुस्त करने जैसे कई कदम उठाये गये है. महिलाओं और पुरुषों के लिए अतिरिक्त मातृत्व और पितृत्व अवकाश जैसे कई मॉडल लाये गये है. इस सम्मान को पाने के बाद टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल ने कहा कि यह सम्मान पाकर वे लोग लगाातार पांचवीं बार काफी गौरांवित महसूस कर रही है. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील में टीम वर्क, टैलेंट को आगे लाने और लीडरशिप क्वालिटी को विकसित करने के लिए काफी काम किया जाता है. कर्मचारियों ने काफी मेहनत की है ताकि यह कंपनी आगे बढ़े और परिणाम को हासिल करने में अहम योगदान दिया है. कर्मचारी हमारी बड़ी संपत्ति है. अपनी नीतियों को हम लोग ऐसा बनाते है, जो कर्मचारियों के फ्रेंडली माहौल रहे. काम करने के लिए बेहतर माहौल देने की कोशिश की गयी है. कई सारी नीतियां हम लोगों ने लायी है, जिससे कामकाज करने में सबको आसानी हुई है. आगे भी अपने कर्मचारियों और वर्कफोर्स को आगे ले जाते हुए कंपनी को आगे ले जाने की नीतियों को आत्मसात कंपनी करेगी.






