जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस समझौता को लेकर वार्ता अंतिम चरण में है. इस बीच टाटा स्टील की चीफ पीपुल ऑफिसर (सीपीओ) अतरई सान्याल जमशेदपुर पहुंच गयी है. इसके बाद बुधवार को भी वार्ता होगी. बोनस को लेकर लगभग सारी चीजें तय हो चुकी है. सबकुछ ठीक रहा तो गुरुवार को बोनस का समझौता हो जायेगा. बताया जाता है कि टाटा स्टील के कर्मचारियों की संख्या 26500 के करीब है. इसमें जमशेदपुर के करीब 11 हजार कर्मचारी है, जिनको बोनस मिलेगा. 25 हजार 600 कर्मचारियों में मेरामंडली के कर्मचारी नहीं है क्योंकि वहां पीएमएस सिस्टम लागू है. वहां बोनस की राशि उनके परफार्मेंस के आधार पर शुरू से मिलता है. वेज रिवीजन समझौता तो हुआ है, लेकिन इस समझौता का लाभ अगले साल से होने की उम्मीद है. हालांकि, पिछले साल से ज्यादा बोनस इस साल मिलने की उम्मीद है. चीफ पीपुल ऑफिसर (सीपीओ) अतरई सान्याल के जमशेदपुर लौटने के बाद पहले दौर की वार्ता उनके स्तर पर होगी. इसके बाद फिर एमडी के साथ बातचीत होगी. इसके बाद समझौता होगा. सब ठीक रहा तो गुरुवार को हर हाल में बोनस का समझौता किया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
बोनस को लेकर तय फार्मूला के तहत ही सारी चीजें तय होनी है. अब यह तय होगा कि एक्सट्रा पैसा यूनियन कितना ले पाती है. चूंकि, कंपनी का मुनाफा इस बार ज्यादा हुआ है, इस कारण बोनस की राशि बढ़ेगी. कंपनी का शुद्ध मुनाफा 11 हजार करोड़ रुपये हुआ है जबकि पिछले साल 9255.05 मुनाफा हुआ था. पिछले साल कर्मचारियों के बोनस के मद में 303.12 करोड़ रुपये की राशि बंटी थी, जिसके तहत कर्मचारियों को बोनस के रूप में अधिकतम 3,92,213 रुपये और न्यूनतम 39004 रुपये मिले थे. इस बार बोनस की राशि 350 करोड़ रुपये तक जा सकता है. कर्मचारियों का अधिकतम बोनस राशि बढ़कर 4 लाख 25 हजार रुपये तक जा सकती है, जबकि औसत बोनस 1.33 लाख रुपये से बढ़कर 1.50 लाख रुपये तक जा सकता है. बोनस को लेकर पांच मानक हैं. इसके तहत कंपनी का शुद्ध लाभ है. मुनाफे के आधार पर 1.5 फीसदी हिस्सा, प्रोफिटेबिलिटी यानी बिक्री योग्य स्टील पर मुनाफा, उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) और सेफ्टी का आधार होता है. अगर मैनेजमेंट उदार हुई, तो इन फॉर्मूला के अतिरिक्त भी पैसे मिलते हैं. कंपनी की ओर से प्रेजेंटेशन में बताया गया है कि कंपनी का मुनाफा ज्यादा हुआ है.




