जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस समझौता ने पूरे देश में एक उदाहरण पेश किया है. घाटे के बावजूद कर्मचारियों को बेहतर बोनस दिया गया है. इसको लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू के कुछ विरोधियों ने गलत अफवाह उड़ा दिया है. इसको लेकर बेचैन करने की कोशिश की गयी है. इसको लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू ने अपना बयान जारी किया है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि 16 सितम्बर 2023 को टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच एक समझौता हुआ है. यह समझौता 23 सितम्बर 2019 को हुए वेतन समझौते (क्लॉज़ 28) का अगला हिस्सा है. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने बताया कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि इस समझौते से टाटा स्टील के बहुत सारे कर्मचारी बाहर कर दिए जाएंगे और उनकी नौकरी खत्म हो जाएगी. इस बारे में यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू ने साफ कहा है कि यह पूरी तरह गलत है. समझौते के पेज नंबर 3, क्लॉज़ 9 (a) में साफ लिखा है “जो कर्मचारी अभी जिस पद पर काम कर रहे हैं, वे उसी पद पर काम करते रहेंगे. केवल तब ही वह पद खाली होगा जब कर्मचारी खुद प्रमोशन, ट्रांसफर, रिटायरमेंट, इस्तीफा या अन्य स्वाभाविक कारणों से नौकरी छोड़ेंगे”, इसलिए किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है. सभी की नौकरी और पद सुरक्षित हैं. टाटा वर्कर्स यूनियन सभी कर्मचारियों से अपील करती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निश्चिंत होकर अपना काम करते रहें.



